कुंडली में शनि का शुभ-अशुभ प्रभाव
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ज्योतिष में शनि को एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। यह एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि की धीमी चाल की वजह से वर्षों तक शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा का प्रभाव देश-दुनिया के साथ-साथ हर एक राशि के जातकों के जीवन पर पड़ता है। शनि का नाम आते ही लोग के मन में डर पैदा हो जाता है कि कहीं उनकी कुंडली में वे अशुभ तो नहीं है, क्योंकि शनि के अशुभ होने पर व्यक्ति को तरह-तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। लेकिन शनि हमेशा बुरे फल ही दें ऐसा नहीं है। ज्योतिष में शनि को न्याय का देवता है कहा जाता है और यह व्यक्तियों को उनके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं। अच्छे कर्म करने पर व्यक्ति को शनिदेव शुभ फल प्रदान करते हैं वहीं बुरे कर्म करने पर शनिदेव दंड भी देते हैं। शनि अगर किसी जातक की कुंडली में अशुभ स्थान पर बैठे हैं तो व्यक्ति के जीवन में की तरह की परेशानियां आने लगती है। आइए जानते हैं कुंडली में शनि के कमजोर पर क्या-क्या संकेत मिलते हैं और कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
कमजोर शनि के संकेत
- कुंडली में जब शनि कमजोर स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में तरह-तरह की बाधाएं आती हैं। व्यक्ति की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है। नौकरी में दिक्कतें आने लगती है। व्यक्ति बुरी संगत में पड़ जाता है और नशे का आदी हो जाता है। शनि के कुंडली में कमजोर होने पर घर-परिवार में अशांति और कलह होनी शुरू हो जाती है। मेहनत करने के बावजूद उनको अच्छी सफलता नहीं मिलती है।
- यदि कुंडली में शनि दोष है तो व्यक्ति के धन और संपत्ति धीरे-धीरे अनावश्यक कार्यों में खर्च होने लगती है।
- शनि दोष होने पर वाद-विवाद की स्थिति बनती है, व्यक्ति पर झूठे आरोप लगते हैं। इसके अलावा कोर्ट केस के मामले बनते हैं।
- शराब, जुआ और अन्य गंदी आदतें भी शनि दोष का कारण बनती हैं। बनते हुए काम में अड़चने आना, कर्ज का बोझ होना, घर में आग लगना, मकान बिकना या उसका कोई हिस्सा गिरना आदि भी शनि दोष के लक्षण माने गए हैं।
- जातक की कुंडली में शनि दोष होने पर समय से पहले ही व्यक्ति के बाल झड़ने लगते हैं, आंख खराब होने लगती है, कान में दर्द रहता है। शनि खराब होने से शारीरिक कमजोरी, पेट दर्द, टीबी, कैंसर, चर्म रोग, फ्रैक्चर, पैरालाइसिस, सर्दी-जुकाम, अस्थमा आदि जैसे रोग हो जाते हैं।
- यदि किसी का शनि खराब है तो उसे मेहनत का फल नहीं मिलता है। नौकरी में परेशानी आती है एवं छोटी-छोटी बातों पर घर में कलह होती है।
शनि ग्रह को मजबूत करने के उपाय
- शनि के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए अमावस्या पर पीपल की जड़ में कच्चा दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाने, तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। वहीं सुख-शांति में वृद्धि के लिए इस दिन पीपल का वृक्ष रोपना बहुत अच्छा माना गया है।
- हर शनिवार के दिन एक लोहे के कटोरे में साबुत उड़द, काले चने और सरसों का तेल मिलाकर एक साथ डाल दें। अब इसे काले कपड़े में लपेटकर अपने माथे से लगाकर इसे दान देना शुरू करें, इससे शनि दोष कम होता है।
- शनिवार के दिन शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का इस दिन जप करने से प्राणी भयमुक्त रहता है।
- शनिदेव के आराध्य भगवान शिव हैं। शनि दोष की शांति के लिए शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा के साथ-साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से 'ॐ नमः शिवाय' का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना चाहिए।
- शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
- शनिदेव, हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं,इसलिए इनकी कृपा पाने के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए,शनिदोष से मुक्ति मिलती है।