Shani Gochar 2025: नया साल 2025 शुरू हो चुका है और ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से यह साल बहुत ही खास रहेगा। इस साल चार प्रमुख ग्रह गुरु, राहु-केतु और शनि का गोचर होने वाला है। आज हम आपको इस साल शनि के राशि परिवर्तन और उसके प्रभाव के बारे में बताने जा रहे हैं। ज्योतिष में शनिदेव को पापी और क्रूर ग्रह माना जाता है और नवग्रहों में न्यायाधिपति का दर्जा हासिल है। इसके अलावा शनि ग्रह सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह माने जाते हैं। शनिदेव जातकों को उनके द्वारा किए गए कर्मों के आधार पर शुभ और अशुभ फल प्रदान करते हैं। जब-जब शनिदेव की चाल, दशा, राशि या स्थिति में बदलाव आता है तो देश-दुनिया के साथ साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इस साल शनि अपनी राशि बदलने वाले हैं। शनिदेव इस वर्ष कब, किस समय और किस राशि में गोचर करने वाले हैं और इनका प्रभाव कैसा रहेगा इसके बारे में जानते हैं।
ज्योतिष में शनिदेव का महत्व
ज्योतिष में शनिदेव का विशेष महत्व होता है। शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। ये किसी एक राशि में सबसे ज्यादा ढाई वर्षों तक रहते हैं। शनि दुख, रोग, पीडा, न्याय और कर्म के कारक होते हैं। शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। यह तुला राशि में उच्च के होते हैं जबकि मेष राशि में नीच के होते हैं। सभी 27 नक्षत्रों में शनिदेव को पुष्य, अनुराधा और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र पर स्वामित्व प्राप्त है। शनि बुध और शुक्र के मित्र हैं और वहीं इनके शत्रु सूर्य, चंद्रमा और मंगल है। ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्यायाधीश का दर्जा हासिल है इस कारण से यह व्यक्तियों को शुभ-अशुभ दोनों ही तरह के फल प्रदान करते हैं। कर्मफलदाता और न्यायाधीश शनिदेव कुंडली में स्थिति अच्छे और बुरे दोनों तरह के फल देती है। शनि के शुभ प्रभाव से व्यक्ति रंक से राजा बना सकता है, तो वहीं शनि के अशुभ स्थिति से व्यक्ति राजा से रंक भी बन सकता है।
साल 2025 में शनि का गोचर कब
शनि मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। शनि एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करने के लिए करीब ढाई वर्षों का समय लेते हैं। शनि अभी अपनी स्वराशि कुंभ में हैं और यहां से अपनी ढाई साल की यात्रा को पूरा करते हुए गुरु की राशि मीन में गोचर करेंगे। शनि 29 मार्च 2025 को रात 10 बजकर 07 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे।
साल 2025 में शनि की चाल और स्थिति
शनि 29 मार्च 2025 को मीन राशि में गोचर होंगे लेकिन उसके पहले कुंभ राशि में रहते हुए 22 फरवरी 2025 को अस्त हो जाएंगे। फिर इसी अस्त अवस्था में रहते हुए गुरु की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। 31 मार्च 2025 को शनिदेव उदित होंगे और फिर 13 जुलाई 2025 को मीन राशि में वक्री चाल से चलेंगे। 28 नवंबर 2025 को शनिदेव मार्गी हो जाएंगे।
साल 2025 में किस राशि पर साढ़ेसाती और ढैय्या
लोग शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और तिरछी नजर से भयभीत रहते हैं। शनि की साढ़ेसाती यानी 7 साल और ढैय्या यानी ढाई साल का समय होता है। शनि 29 मार्च 2025 को जैसे ही मीन राशि में प्रवेश करेंगे कुछ राशि वालों पर साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी तो वहीं कुछ पर से यह खत्म हो जाएगी। इस साल मकर राशि वालों पर चल रही साढ़ेसाती खत्म हो जाएगी जबकि मेष राशि पर साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी। शनि के मीन राशि में गोचर करने से मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण, कुंभ राशि पर अंतिम चरण और मेष राशि पर पहला चरण शुरू होगा। वहीं इसके अलावा वृश्चिक राशि के जातकों पर जहां ढैया समाप्त होगी जबकि धनु राशि वालों पर ढैया की शुरुआत हो जाएगी।