धनु राशि पर शनि के गोचर का प्रभाव
शनि का गोचर 29 मार्च 2025 के बाद आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होगा। धनु राशि के जातकों के लिए शनि दूसरे और तीसरे भाव के स्वामी होते हैं। शनि का गोचर धनु राशि के जातकों के चौथे भाव में होने से माता का सुख मिलेगा, वाहन और मकान का सुख प्राप्त होगा। धनु राशि के जातकों पर 29 मार्च के बाद शनि की ढैय्या शुरू हो जाएगी। चौथे भाव में शनि के विराजमान होने पर यह आपके छठे, दशम और लग्न भाव में द्दष्टि होगी। ऐसे में शनिदेव का गोचर मीन राशि में होने से संपत्ति में अच्छा खासा लाभ देखने को मिल सकता है। नई संपत्ति खरीदने का मौका मिल सकता है। जिन जातकों को कोई बीमारी काफी लंबे समय से परेशान कर रही थी उससे निजात मिलने की संभावना है। लेकिन इस दौरान कुछ कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।
ज्योतिष में शनि का महत्व
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे अहम और शक्तिशाली ग्रह माना गया है। शनि न्याय, कर्म, मेहनत, पीड़ा, कष्ट, संघर्ष और धैर्य के कारक ग्रह होते हैं। सभी नवग्रहों में कर्मफलदाता शनि सबसे धीमी चाल से चलने वाले ग्रह हैं। यह किसी एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं, इस तरह से सभी 12 राशियों का एक चक्कर को पूरा करने के लिए शनि 30 वर्ष का समय लेते हैं। शनि सभी ग्रहों में सबसे शक्तिशाली और प्रभावी इसलिए होते हैं क्योंकि यहीं एकमात्र ग्रह हैं जिनके पास साढ़ेसाती और ढैय्या है। हर एक जातकों के जीवन में शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का व्यापक असर पड़ता है।
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आमतौर पर शनि का नाम आते ही लोगों के मन में डर बैठ जाता है कि शनि की टेढ़ी नजर न पड़ जाए, लेकिन शनि एक न्यायप्रिय ग्रह हैं जो लोगों को उनके कर्मों के आधार पर ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार की द्दष्टि अगर किसी पर पड़ जाय तो उसका कुछ न कुछ अनिष्ट जरूर होता है। शनि को मकर और कुंभ राशि का स्वमित्व प्राप्त है। ये तुला राशि में उच्च के होते हैं जबकि मेष राशि में नीच के होते हैं। शनि की बुध, शुक्र और राहु के साथ मित्रता रहती है जबकि सूर्य, चंद्रमा और मंगल के साथ इनका शत्रुवत व्यवहार होता है। जबकि देवगुरु बृहस्पति और केतु से इनका संबंध सम रहता है।
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आपको बता दें कि न्याय के देवता शनि इस साल 29 मार्च को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करने से कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कंटक शनि की पनौती से छुटकारा मिल जाएगा वहीं कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाएगी।
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