जिन जातकों की कुंडली में शनिदेव अशुभ होते हैं या फिर ऐसे लोग जो अपने कर्मों से शनिदेव को रुष्ट कर देते हैं शनिदेव की अशुभ छाया उन पर पड़ते ही उनका जीवन कष्टों से बीतता है।
शनिदेव सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं। इनके मंद गति से चलने के कारण जातकों के जीवन में शुभ और अशुभ दोनों तरह का प्रभाव लंबे समय तक रहता है। इसी कारण से लोग अक्सर शनिदेव की अशुभ द्दष्टि से घबराते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन जातकों की कुंडली में शनिदेव शुभ होते हैं या फिर शनिदेव उसके कर्मों से प्रसन्न होते हैं वे उसके जीवन में सुख और सौभाग्य की बारिश कर देते हैं। व्यक्ति को नौकरी और बिजनेस में अच्छी सफलता और ऊंचा मुकाम हासिल करता है। समाज में उसका मान-सम्मान बढ़ता है। वहीं जिन जातकों की कुंडली में शनिदेव अशुभ होते हैं या फिर ऐसे लोग जो अपने कर्मों से शनिदेव को रुष्ट कर देते हैं शनिदेव की अशुभ छाया उन पर पड़ते ही उनका जीवन कष्टों से बीतता है। आइए जानते है शनिदेव किस तरह के लोगों से नाराज रहते हैं।
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इन लोगों पर हमेशा रहती है शनिदेव की अशुभ छाया
- जो लोग किसी गरीब या असहाय व्यक्ति की मदद करने के बजाय उनको कष्ट देते हैं शनिदेव उनके ऊपर अपनी अशुभ द्दष्टि डालते हैं।
- जो लोग हमेशा गंदगी में रहना पसंद करते हैं या फिर अपने आलस्य के कारण साफ-सफाई नहीं करते हैं। अपने नाखूनों और बालों का लंबा और गंदा करते हैं उन पर शनि की कुद्दष्टि पड़ती है।
- जो लोग किसी बेजुबान जानवार को परेशान करते हैं खास तौर पर कुत्ते को मारते पीटते हैं शनिदेव उनसे नाराज ही रहते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनिदोष रहता है उन्हें कुत्तों की सेवा करनी चाहिए।
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- जो लोग अपने माता-पिता या बड़े बुजुर्गों का सम्मान नहीं करते हैं और महिलाओं को बुरा बोलते हैं शनिदेव उनसे नाराज रहते हैं।
- जो लोग अक्सर किसी दूसरे व्यक्ति को छल, कपट और बुरी नजर से धोखा देते हैं शनिदेव उन पर बुरी द्दष्टि डालते हैं। ऐसे लोगों को कुछ देर के लिए लाभ जरूर मिलता है लेकिन उन्हें कभी भी लंबे समय तक सकून नहीं मिल पाता है।
- जो लोग किसी बुरी लत में लग जाते हैं जैसे जुआ या सट्टा खेलना, मांस-मदिरा का सेवन करना आदि शनिदेव उन पर प्रसन्न नहीं होते हैं।
- जो लोग कभी मंदिर नहीं जाते हैं या देवी-देवताओं का अनादर करते हैं। शनिदेव उनको कष्ट देते हैं।