किसी भी ग्रह के वक्री होने पर क्या सिर्फ और सिर्फ नुकसान होता है या फिर इसके विपरीत वक्री ग्रह किसी जातक के जीवन में खुशहाली लाने और उसे शून्य से शिखर तक पहुंचाने में मददगार साबित होते हैं। यह सवाल इसलिए क्योंकि चंद्र पुत्र बुध शनि के नक्षत्र पुष्य एवं कर्क राशि में वक्री हुए हैं।
बुध का जल तत्व की राशि कर्क में वक्री होना स्टॉक मार्केट विशेष रूप से बैंकिंग सेक्टर, बीमा, आईटी और फाइनेंसियल सेक्टर के लिए शुभ नहीं माना जाता है, अत: इस दिन से उपरोक्त क्षेत्र में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना रहेगी। ऐसे में निवेशकों, विशेष इंट्राडे सेक्टर्स में निवेश करने वाले लोगों को सलाह है कि वह बहुत ही सावधानीपूर्वक जांच-परख कर ही कहीं धन निवेश करें।
अपनी वक्री यात्रा के मध्य 10 जुलाई की रात्रि के पश्चात् 03:07 मिनट पर पुष्य नक्षत्र के द्वितीय चरण में प्रवेश करेंगे। 18 जुलाई को सुबह 07:45 पर पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करते हुए 23 जुलाई को सुबह 06:29 मिनट पर बृहस्पति के नक्षत्र पुनर्वसु में प्रवेश कर जाएंगे। 30 जुलाई को पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय चरण मिथुन राशि में प्रवेश करते हुए 01 अगस्त को सुबह 09:26 मिनट पर मार्गी हो जाएंगे और 26 अगस्त को दोपहर 02:06 मिनट पर मघा नक्षत्र एवं सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।
स्टॉक मार्केट में निवेश करने वाले सभी 12 राशि के जातकों के लिए हानि-लाभ की दृष्टि से बुध का यह वक्री-मार्गी गोचर प्रभाव कैसा रहेगा, इसे जानने के लिए आगे की स्लाइड क्लिक करें —