हिन्दू पंचांग के अनुसार ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्र होते हैं जिसमें पुष्य नक्षत्र सभी नक्षत्रों में बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा शुभ नक्षत्र साल में बहुत ही कम आता है। साल 2018 में केवल 3 रवि पुष्य और 2 गुरु पुष्य योग बन रहे हैं। भगवान राम का जन्म भी इसी नक्षत्र में ही हुआ था इसलिए यह नक्षत्र बहुत शुभ और लाभकारी होता है।
जब पुष्य नक्षत्र रविवार के दिन आता है तो उसे रवि पुष्य नक्षत्र कहा जाता है। इस नक्षत्र में सभी तरह के शुभ कार्य किया जा सकता है। साल 2018 का पहला रवि पुष्य का शुभ संयोग 22 अप्रैल और 20 मई 2018 को बना था। और अब 17 जून 2018 को यह शुभ मुहूर्त बन रहा है। इसके अलावा गुरु पुष्य योग भी बनता है जो साल मे 2 से 3 बार ही आता है। जब पुष्य नक्षत्र गुरुवार के दिन पड़े तब इस तरह का योग बनता है जिसे बहुत शुभ माना जाता है। इस नक्षत्र में किया गए सारे कार्य पूरे हो जाते हैं। पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। इसलिए इस नक्षत्र में शुभ कार्य करने पर फलदायी होता है।