ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम और युद्ध का कारक ग्रह माना जाता है। मंगलदेव 23 फरवरी को कुंभ राशि में आने वाले हैं। शनि की राशि कुंभ में मंगल के गोचर करने के साथ ही पंच ग्रही योग का निर्माण होगा, क्योंकि कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु पहले से ही विराजमान होंगे। ऐसें कई तरह के राजयोगों का निर्माण होगा। सूर्य-मंगल की युति से आदित्य मंगल राजयोग, सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य योग और सूर्य-शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग बनेगा। ऐसे में सभी 12 राशियों के जातकों पर मंगल के गोचर का प्रभाव देखने को मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं मेष राशि वालों के ऊपर मंगल के गोचर का कैसा प्रभाव पड़ेगा इसका विश्लेषण करते हैं।
मंगल के गोचर का मेष राशि पर प्रभाव
- - मेष राशि के जातकों के लिए मंगलदेव पहले और आठवें भाव के स्वामी ग्रह होते है।
- - 23 फरवरी 2026 को मंगल का कुंभ राशि में गोचर करने से मेष राशि के लिए इनका गोचर 11वें भाव में होगा।
- - इस गोचर के चलते करियर के क्षेत्र में शुभ समाचार सुनने को मिल सकता है। आय में इजाफा होगा और लाभ के मौके मिलेंगे।
- - जो लोग सरकारी नौकरी की तलाश में हैं उनको कुछ अवसर मिल सकते हैं।
- - इस दौरान आपको कुछ पुरानी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
- - मंगल के कुंभ राशि में गोचर करने से आपकी आर्थिक स्थितियां फलदायी साबित होगी।
- - जो लोग किसी के साथ प्रेम संबंधों में हैं उनको रिश्तों में मधुरता के फल मिलेगा।
ज्योतिष में मंगल ग्रह का महत्व
- - वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को एक क्रूर ग्रह माना जाता है।
- - मंगल ग्रह को सभी ग्रहों में सेनापति का दर्जा प्राप्त है।
- - मंगल ग्रह मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह होते हैं।
- - भूमिपुत्र मंगल मकर राशि में उच्च के होते हैं, जबकि कर्क राशि में नीच के होते हैं।
- - मृगशिरा, चित्रा और धनिष्ठा नक्षत्र के स्वामी मंगल ग्रह होते हैं।
- - जिन जातकों की कुंडली मंगल शुभ स्थान पर और शुभ ग्रहों को प्रभाव में होते हैं ऐसा व्यक्ति बहुत ही निडर और साहसी होता है।
- - मंगल ग्रह के अशुभ स्थिति में होने पर जातक को कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
- - कुंडली में मंगल दोष होने पर व्यक्ति का दांपत्य जीवन बहुत अच्छा नहीं माना जाता है।