इस युग में राहु चरित्र और व्यवहार के लोगों की संख्या अधिक है। राहु ग्रह उच्च पद, कल्पना, भविष्य ज्ञान, लेखन क्षमता, मान-सम्मान, रहस्य, प्रसिद्ध, मौत और ताकत देता है। इसके बाद शुक्र ग्रह है जो धन, संपत्ति, स्त्री सुख, भोग, विलास, ऐश्वर्य और भौतिक सुखों को देता है। पूरी दुनिया उसी के पीछे भाग रही है। तीसरा ग्रह शनि है जो लोगों को उनके अच्छे और बुरे कर्मों का फल देता है। यदि आपने इन तीन ग्रहों को काबू में कर लिया तो ये नीच का नहीं उच्च का फल देकर निहाल कर देंगे।
राहु ग्रह : बुध ग्रह हमारी बुद्धि का कारण है लेकिन जो ज्ञान बुद्धि के बगैर पैदा होता है उसका कारण राहु है। अचानक से आ जाने वाले विचार या आइडिया राहु के कारण जन्मते हैं। राहु कल्पना शक्ति है तो बुध उसे साकार करने की शक्ति रखता है। राहु और बुध को काबू में रखता है बृहस्पति ग्रह। राहु यदि शुभ है तो जातक धन दौलत से संपन्न, साहित्यकार, दार्शनिक, धार्मिक, वैज्ञानिक, लोकप्रिय, रहस्यमयी सिद्ध, सैनिक, पुलिस और महान राजनेता बन सकता है। राहु यदि अशुभ हो तो जातक बेईमान, धोखेबाज, चालबाज, अपराधी, शराबी, पागल, दरिद्र, कामी और दुराचारी बन जाएगा।
कैसे होगा राहु ग्रह काबू में?
1. ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध रखें।
2. प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।
3. गुरु का दान करें और गुरुवार का उपवास करें।
4. बुरी संगत और बुरे कार्यों से दूर रहें।
5. घर का शौचालय और सीढ़ियां वास्तु के अनुसार रखें।
शुक्र ग्रह : शुक्र यदि किसी भी प्रकार से अशुभ है तो जातक के पास दौलत और स्त्री का सुख नहीं रहेगा। अंगूठे में दर्द होगा या अंगूठा बेकार हो जाएगा। त्वचा विकार और गुप्त रोग हो सकता है। पत्नी से अनावश्यक कलह चलता रहेगा। तलाक भी हो सकता है। शुक्र यदि शुभ होगा तो सुंदर स्त्री वाला आत्मविश्वास से भरपूर जातक के पास धन की कभी कमी नहीं रहेगी। संगीत, कला, सिनेमा एवं साहित्य का प्रेमी रहेगा। धनवान और सभी तरह के साधन संपन्न रहेगा।
कैसे होगा शुक्र ग्रह काबू में ?
1. स्वयं को, कपड़े, बिस्तर और घर को एकदम साफ सुथरा रखें। सुगंधित इत्र का उपयोग करें।
2. प्रति शुक्रवार गाय को हरा चारा खिलाएं। चंद्र का उपाय करें।
3. 9 वर्ष से कम आयु की कन्याओं को 21 शुक्रवार मिश्री युक्त खीर खिलाएं।
4. सादा सच बोलें और शुक्रवार को माता लक्ष्मी के मंदिर में उन्हें कमल अर्पित करें।
5. दो मोती लेकर एक पानी में बहा दें और एक जिंदगी भर अपने पास रखें।
6. घर की आग्नेय दिशा को सुधारें।
शनि ग्रह : शनि यदि अशुभ तो जातक पराई स्त्री से संबंध रखकर, जुआ, सट्टा आदि खेलकर, ब्याज का धंधा करके बर्बाद हो जाता है। वह किसी मुकदमे में फंसकर जेल जाता है। मानसिक स्थिति बिगड़ सकती है। वह पागल भी हो सकता है। स्त्री, धन, संपत्ति आदि खो देता है। अत्यधिक शराब पीने का आदी होकर मौत के करीब पहुंच जाता है। भयानक दुर्घटना में व्यक्ति अपंग हो सकता है या मर भी सकता है। लेकिन शनि यदि शुभ है तो जातक हर क्षेत्र में प्रगति करता है। मकान और दलाली के कार्यों में सफलता मिलती है। व्यक्ति भूमि का मालिक होता है और धन संपन्न रहता है। बाल और नाखून मजबूत होते हैं। कोई रोग नहीं होता है। ऐसा व्यक्ति न्यायप्रिय होता है और समाज में मान-सम्मान खूब रहता है। शनि को काबू में करने के लिए मंगल और गुरु के उपाय करना चाहिए।
कैसे होगा शनि ग्रह काबू में ?
1. हनुमान ही शनि के दंश से बचा सकते हैं तो प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें।
2. तिल, उड़द, भैंस, लोहा, तेल, काला वस्त्र, काली गौ और जूता दान देना चाहिए। अंधे, अपंगों, सेवकों और सफाइकर्मियों से अच्छा व्यवहार रखें।
3. छाया दान करें अर्थात कटोरी में थोड़ा-सा सरसों का तेल लेकर अपना चेहरा देखकर शनि मंदिर में अपने पापों की क्षमा मांगते हुए रख आएं।
4. दांत, नाक और कान सदा साफ रखें। कभी भी अहंकार, घमंड न करें, विनम्र बने रहें।
5. पराई स्त्री से संबंध रखना, शराब पीना, जुआ खेलना, ब्याज का धंधा तुरंत बंद कर दें और कौवों को शनिवार के दिन रोटी खिलाएं।
6. घर की पश्चिम और वायव्य दिशा को सुधारें।