भारत देश के विषय में भविष्यवाणी भारत की स्वतन्त्रता की कुंडली से ही की जाती रही है। भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है। लग्न में राहू और सप्तम में भाव में केतु बैठे हुए हैं। दूसरे भाव में मिथुन राशि में मंगल बैठा हुआ है। तीसरे भाव में सूर्य, चन्द्र, बुध, शुक्र और शनि बैठकर पंचग्रही योग बना रहे है। छठे घर में तुला राशि का बृहस्पति है। जो लोग कालसर्प योग को मानते है उनके लिए भारत की कुंडली पूर्ण रूप से कालसर्प योग से ग्रसित है।
गोचर में मार्च के अन्त में गुरु और शनि वर्ष भर केतु के साथ देश की कुंडली के आठवें भाव में पीड़ित अवस्था में रहेंगे। कहने का तात्पर्य गुरु, शनि, राहु, केतु की धुरी पर पूरे वर्ष रहेंगे। कुछ दिनो के लिए बृहस्पति पुनः वृश्चिकत राशि में आ जाएंगे। हो सकता है कि इन 20 दिनो में बृहस्पति के पुनः वृश्चिक में आने का आशय यह भी हो कि संभवत: कुछ लोगों को कुछ दिनो के लिए थोड़ी राहत मिलने वाली हो। गुरु, शनि, केतु का एक साथ देश की कुंडली के आठवें भाव में एक ही राशि में 1 साल तक रहना देश दुनिया या आमजन के लिए बहुत बुरे संकेत दे रहा है। इस दूषित/शापित धुरी से संबंधित कुछ एक दलों में तो सिरफुटौव्वल भी होगी।
प्रेम या वैवाहिक संबंधो पर असर
आकाश में गोचर में शुक्र 29 जनवरी 2019 को शनि के साथ धनु राशि में आ गया है। शुक्र शनि का आपस में संबंध किसी कुंडली में यदि अन्य ग्रहों द्वारा भी पीड़ित हो तो ऐसे व्यक्ति का विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण ज्यादा और असामान्य भी हो सकता है। यदि शुक्र, शनि मंगल और राहू से किसी की कुंडली में पीड़ित हों तब पुरुष और महिला के चरित्र पर अवश्य प्रश्न चिन्ह उठेंगे और दशा भी यदि इन्हीं ग्रहो से संबंधित हो तो रिश्तों में बदनामी और जग-हंसाई संभव है और शुक्र पुनः 24 फरवरी को मकर राशि में राहु-केतु की धुरी पर आ जायेगा। 29 जनवरी से लेकर पूरे मार्च तक चिटक रहे रिश्ते पूरी तरह से टूट सकते है। बेवफाई या बेवफाई के शक के कारण कुछ तय हुई शादियां टूट सकती हैं। कुछ लोग अपने भोले-भाले साथी को शतिर तरीके से धोखा देंगे।
उपाय:- ऐसे लोग इस समय बिलकुल सफेद वस्त्र पहनें। अपने बाथरूम में शीशे की कटोरी में खड़े सफेद नमक का क्रिस्टल रखें। दक्षिण-पश्चिम में पीले फ्रेम में फेमिली फोटो लगाएं।
बैंकिंग तथा वित्तीय संस्थानों के बुरे दिन
भारत की कुंडली जो कि वृषभ लग्न की है, उसमें आठवें घर में बृहस्पति गोचर में बुरी तरह से पीड़ित होने जा रहा है। बृहस्पति बैंकिंग का कारक है। बृहस्पति वाणिज्य या ट्रेजरी का भी कारक है। बृहस्पति का इतना बुरी तरह से पीड़ित होना देश तथा विदेशों के बैंकिंग या वित्तीय संस्थानों के लिए अशुभ संकेत है। यूं कहें तो भारत या कुछ अन्य प्रभावशाली देशों में ये किसी तरह की मंदी का भी संकेत दे रहे हैं।
देश के खिलाफ बड़ी साजिश का खतरा
भारत की कुंडली जो कि वृषभ लग्न की है, उसमें आठवें भाव में बृहस्पति शनि और केतू जो कि द्वितीय भाव स्थित गोचरस्थ राहू से दृष्ट होगा, जो किसी साजिश का संकेत देता है। यहां तक कि किसी चुनी हुई सरकार तक पर संकट के बादल छा सकते हैं। पूरा का पूरा साल जबर्दस्त अस्थिरता अराजकता और आकस्मिक घटनाओं में बीतेगा। जिसमें 2020 का जनवरी भी प्रभावित होगा। उसके बाद ही निजात मिलेगी।
मार्च के बाद स्कैंडल और खुलासों का समय होगा
देश में पीड़ित आठवें भाव में साफ पता चलता है यह वर्ष जबर्दस्त सनसनी भरा वर्ष होगा। जिसमें नित नए-नए खुलासे होंगे। कुछ व्हाइट कॉलर लोग साफ-साफ फंसते नजर आ रहें हैं। कुछ बहुत बड़े नामधारियों को अपने कारनामें खुलने से बहुत शर्मिंदगी उठानी पडे़गी। कोई सेक्स स्कैन्डल भी चर्चा में रहेगा। बृहस्पति मंदिर का कारक है, तो अयोध्या तो केन्द्र में रहेगी ही। फरवरी से अयोध्या मुद्दा बहुत जोर पकडे़गा।
उपाय:- राजनेता यदि पूर्व में शौचालय हो तो उसका उपयोग करें तथा उनके घर या ऑफिस की पूर्व दिशा और मुख्य द्वार पीड़ित हो तो उसे वास्तु की मदद से सही करवा लें, नहीं तो आने वाले चुनाव में टिकट तक कट सकता है।
विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के लिए अच्छा साबित होगा 2019
विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के लिए वर्ष 2019 बहुत अच्छा साबित होने जा रहा है। विशेषकर बॉटनी माइक्रोबायोलॉजी, नैनो टेक्नालॉजी के लिए। विशेष रूप से भारत में कैंसर जैसी किसी बड़ी बीमारी पर कोई जबर्दस्त शोध सामने आ सकता है क्योंकि बृहस्पति, केतू और शनि भारत की कुंडली के आठवें घर में रहेंगे। आठवां भाव शोध का है।
इनके लिए अशुभ साबित होगा 2019
इन गोचरों से एक बात तो स्पष्ट है कि 2019 एक बुरा वर्ष साबित होने जा रहा है। यह सब बुरे फल उन लोगों, दलों या संस्थाओं पर ज्यादा असर डालेंगें, जिनकी कुंडली में खराब योग हैं और जिनकी दशाएं भी विपरीत चल रही है।