इस मास में आपके व्यवसाय आदि में विस्तार संभव है। नई योजनाओं पर कार्य आरम्भ किया जा सकता है। इस अवधि में आपको एक साथ कई क्षेत्रों से आय प्राप्ति की संभावनाएं बनी हुई हैं। किन्तु फिर भी आप अपने संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं कर पाएंगे। प्रबन्धन क्षेत्र में सुधार करने से स्थिति को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। नेतृत्व करते समय कठोरता से काम न लें अन्यथा कार्यों की गति में कमी हो सकती है। मास अन्त में व्ययों पर पूर्ण नियन्त्रण रखना उचित रहेगा।
आर्थिक पक्ष
मास के आरम्भ में आप लगनपूर्वक मेहनत करने के बाद भी अपनी योजनाओं की सफलता को लेकर संशय की स्थिति में रहेंगे। परन्तु आप व्यवसाय की नई तकनीकों को अपनाने में पहल करेगें। व्यापार की नई नीतियों व सुझावों को आप बुद्धिमानी के साथ प्रयोग करने में पीछे नहीं हटेगें। मास के मध्य में सफलता के प्रति आपकी यह सकारात्मक प्रवृ्ति बाधाओं में कमी करेगी। मास के अंत में आत्म विश्वास में कमी के कारण आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। योजनाओं पर उत्साह से काम करने की स्थिति बनी हुई है।
पारिवारिक पक्ष
यह माह आपके घर-परिवार के लिये मिश्रित प्रभावदायक है। वैवाहिक जीवन में सकारात्मक सोच बनाए रखने से संबंधों में मधुरता बनी रहेगी। इस अवधि में आप दोनों एक दूसरे के प्रति अपने विश्वास व निष्ठा में कमी न करें। इससे आपसी तनाव व अनबन की स्थिति को दूर किया जा सकता है। जाते हुए यह मास आपकी पारिवारिक खुशियों के साथ आपके गृहस्थ जीवन को भी शुभ करने का प्रयास कर सकता है। संतान प्राप्ति के योग बने हुए हैं। इस समय में परिवार में समारोह या उत्सव का माहौल हर्ष की स्थिति बना रहा है।
प्रेम संबन्ध
मास की इस अवधि में आप विपरीत लिंग से दूरी बनाकर रखने का प्रयास करें। प्रेम सम्बन्ध में अधिक अनुलग्नता मानसिक कष्टों का कारण बन सकती है। मास के मध्य समय में स्थिति में सुधार होगा और यह आपके अनुकूल हो जायेगी। परन्तु फिर भी नई रिश्ते बनाने के स्थान पर इससे पूर्व बने रिश्तों को ही कुशलता के साथ निभाना लाभकारी रहेगा। इस दौरान मित्रों के साथ समय बिताने के अवसर प्राप्त होगें।
स्वास्थ्य
आप में आत्मविश्वास भाव की कमी इस मास आपको संशय युक्त बना सकती है। सोच-विचार कुछ अधिक हो सकता है। मास की मध्य अवधि में दांपत्य जीवन में बना हुआ तनाव आपको कष्ट दे सकता है। मास के अंत में अपने क्रोध में कमी करें तथा स्वयं को तनाव मुक्त रखने का प्रयास करें। बेवजह की उतेजना आपको वाद-विवादों में फंसा सकती है। इससे पूर्व संतान के विषय में बनी हुई स्थिति यथावत बनी रहेगी।