अक्सर बातों बातों में अपने बारे में या दूसरे के बारे में गलत बोलते हैं, लेकिन यह गलत बोलना आने वाले समय में खुद के लिए घातक हो जाता है और वह समस्त बातें घटित होना आरम्भ हो जाती है। हमारे क्या बोलने से कौन सा ग्रह प्रभावित होगा जानते हैं।
1- बार-बार अपने बारे में ही गलत बोलना और अपने प्रति नकारात्मक शब्दों से बचना चाहिए। जब हम स्वयं के प्रति नकारात्मक विचार रखेंगे तब ऐसी स्थिति मे सूर्य ग्रह का दोष लगता है और खुद के साथ गलत होना आरम्भ हो जाता है। ऐसी स्थिति में आप सूर्य दर्शन करें, प्रातः सूर्य की रोशनी में कुछ समय व्यतीत करें। इससे आपको लाभ मिलेगा और स्वयं के प्रति नकारात्मकता से दूर हो जायेंगे।
2- कई बार हमारा समय, रिश्ता, काम व्यापार पढ़ाई और स्वास्थ्य सब अच्छा चल रहा होता है लेकिन अचानक मन में एक अनहोनी का भय उत्पन्न हो जाता है और भविष्य को लेकर एक अज्ञात भय हो जाता है। यह आशंका या भय असल में परिवर्तन हो जाता है और व्यक्ति दुर्भाग्य का शिकार हो जाता है। ऐसा तब होता है जब हम मन में आशंका या भय व्यक्त करें, तब हमारा चन्द्रमा ग्रसित हो जाता है और हमें दुष्प्रभाव देना आरम्भ कर देता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए अपने विचारों के प्रति संयमित रहे और जब भी नकारात्मक विचार आए आप भगवान शिव से प्रार्थना करें।
3- जब किसी व्यक्ति विशेष को लेकर मन में कोई विचार बैठ गया है और उसके प्रति सिर्फ नकारात्मक विचार ही आए तब आपको सावधान होने की जरुरत है, क्योंकि आप उस व्यक्ति के नकारात्मक ऊर्जा के अधीन हो रहे हैं और आपकी सकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है। इससे आपका बुध ग्रह अच्छा प्रभाव नहीं देता है। ऐसी स्थिति में आपको भगवान गणपति का ध्यान करना है और बार बार व्यक्ति विशेष के बारे में सकारात्मक सोच रखें।
4- जब आप किसी की बुराई करते हैं या बुराई सुनते भी है तब ऐसी स्थिति में आपका बृहस्पति ग्रह प्रभावित होता है और धीरे धीरे घर, परिवार, मित्रों के बीच और समाज में आपका सकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाता है। लोग आपसे दूर होना आरम्भ हो जाते है। किसी की बुराई से बचें और ऐसी स्थिति से बचने के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना करें।
5-.कई बार क्रोधवश किसी के ऊपर लांछन लगा दिया। भूलकर भी किसी के चरित्र पर लांछन ना लगाइये और ना ही गलत बोलें चाहे आपका परिवार का व्यक्ति हो या कोई अन्य हो, ऐसा करने से शुक्र ग्रह प्रभावित होता है जिसकी वजह से आपके जीवन का ऐश्वर्य और मान सम्मान समाप्त हो जाता है। अगर ऐसा भूलवश भी हो जाए तो मां दुर्गा से क्षमा याचना करें और दुर्गा स्तुति करें।