श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या अर्थात् 11 अगस्त 2018, शनिवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण मूलत खण्ड सूर्य ग्रहण है। यह भारत के किसी भी भू-भाग में नहीं दिखाई देगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण का प्रारभ दिन में 01:21 मिनट पर होगा और 15.16 मिनट पर इसका मध्य काल होगा। ग्रहण का मोक्षकाल 05.01 मिनट पर होगा।
इन देशों में दिखाई देगा
यह खंड सूर्य ग्रहण सुदूर उत्तरी भाग जैसे रूस, कजाकिस्तान, मंगोलिया, चीन आदि के अधिकांश भाग में दिखाई देगा।
इस समय लगेगा सूतक
जिन स्थानों पर खण्ड सूर्य ग्रहण प्रभावी है, वहां इसका सूतक काल स्पर्श समय से 12 घंटे पूर्व लेना चाहिए। अर्थात् 10 अगस्त 2018 को रात्रि 01.32 मिनट से सूतक को प्रभावकारी माना जाना चाहिए।
कुछ ऐसी बनेगी ग्रहों की स्थिति
सूर्यग्रहण ऐसे समय में लग रहा है, जब सूर्य कर्क राशि में है और सूर्य के ठीक सामने अर्थात् मकर राशि में नीच का मंगल है। मंगल शासन सत्ता के साथ साथ सैनिक प्रभाव अस्त्र-शस्त्र आदि का कारक है। अत: मंगल की अति दुर्बलता के कारण चीन तथा भारत के उत्तरी भाग में अन्य देशों की तरफ से सैनिक संकट के बढ़ने की आशंका है। ऐसे में भारतीय सीमा के उत्तरी भूभाग पर बसे देशों की तरफ से सैनिकों की बढ़ती गतिविाधियों के कारण चिंता बढ़ सकती है और आपसी मन-मुटाव बढ़ सकता है।
दो बार करें स्नान
ग्रहण के दौरान दो बार स्नान करना चाहिए। पहले ग्रहण के स्पर्श के समय और दोबारा मोक्ष काल के समय करना चाहिए।