वृषभ राशिचक्र में दूसरी राशि होती है। यह पृथ्वी तत्व की राशि होती है और इसके स्वामी ग्रह शुक्रदेव होते हैं। इस राशि के जातक बहुत ही शांत और स्वभाव मे कोमल प्रवृत्ति के होते हैं। इस राशि के जातक धन, दौलत, सुख-सुविधा और ऐशोआराम जीवन जीना पसंद करते हैं। इस राशि के स्वामी ग्रह शुक्रदेव होने के कारण इनका रुझान सौंदर्य, कला, सिनेमा और भोग विलास की तरफ ज्यादा रहता है। ये लोग अपने जीवन में खूब धन कमाते हैं और हर तरह की लग्जरी जीवन जीने का लुप्त उठाते हैं। वृषभ राशि के जातकों को सुंदरता बहुत ज्यादा ही आकर्षित करती है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से साल 2025 बहुत ही खास है, क्योंकि यह वही साल है जिसमें गुरु अतिचारी होकर वृषभ से मिथुन राशि में गोचर हुए हैं और शनि गुरु की राशि मीन में गोचर हुए हैं। साथ ही पापी ग्रह राहु-केतु ने भी अपनी चाल में बदलाव कर चुके हैं। साल के शुरुआती महीनों में न्याय और कर्मफलदाता शनि 29 मार्च 2025 को अपनी स्वराशि कुंभ की यात्रा को विराम देते हुए मीन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। लेकिन गुरु का यह परिवर्तन इस वर्ष बहुत ही खास रहा क्योंकि यह अतिचारी होकर गोचर किया है। वहीं 18 मई को राहु जो कि हमेशा उल्टी चाल से चलते हैं वह मीन से कुंभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं और केतु देव सिंह राशि में हैं, जो आगे के कई महीनों में विराजमान होंगे। ये प्रमुख ग्रह पूरे साल अपना प्रभाव तो दिखा ही रहे हैं साथ ही साल के बचे महीनों में भी बाकी ग्रहों के राशि परिवर्तन का प्रभाव भी देखने को मिलेगा।
ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, सितंबर माह में आपको अच्छा आर्थिक लाभ मिलने के उम्मीद है। आपको इस दौरान किसी भी तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। आपको समाज में मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है। अक्तूबर माह में आपके कामों में गति आएगी। आपको कोर्ट-कचहरी में कोई भी निर्णय बहुत ही सोच-समझकर लेना होगा। वहीं नवंबर और दिसंबर माह में आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जिसमें स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी आ सकती हैं।
ग्रहों की चाल और उनके प्रभाव के आधार पर वृषभ राशि के जातकों के लिए साल 2025 के अंतिम चार महीने कैसे बीतेंगे आइए इसका ज्योतीषीय विश्लेषण करते हैं...