ज्योतिष में हत्था जोड़ी का उपयोग
हत्था जोड़ी की तंत्र-मंत्र में विशेष महिमा है। इसे तांत्रिक क्रियाओं में इस्तेमाल किया जाता है और भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी भी इसका उपयोग करते हैं। इसे विशेष रूप से मां चामुंडा को प्रसन्न करने के लिए सिद्ध किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यदि हत्था जोड़ी को सही विधि से सिद्ध कर लिया जाए, तो व्यक्ति की किस्मत चमक सकती है और वह वित्तीय रूप से सशक्त हो सकता है।
हत्था जोड़ी को सिद्ध करने की विधि
यदि किसी को हत्था जोड़ी मिल जाए तो उसे रविवार के दिन साफ जल से धोकर लाल कपड़े पर रखना चाहिए। इसके बाद एक कटोरी में तिल का कच्चा तेल डालकर उसमें हत्था जोड़ी को पूरी तरह डुबोकर रखें। तेल की कटोरी को गुप्त स्थान पर रखें और 12 से 15 दिनों तक उसे तेल में रहने दें। 15 दिनों के बाद इसे तेल से निकालकर फिर से लाल कपड़े पर रखें और उसमें लाल सिंदूर, चावल, हरी इलायची और लौंग रखकर पोटली बना लें। इसे चांदी की डिब्बी में रखना अधिक प्रभावी होता है। फिर इस पोटली को रोज मां चामुंडा के मंत्रों से जाग्रत करें और इसे अपनी तिजोरी में रख लें।
हत्था जोड़ी का चमत्कारी प्रभाव
मान्यता है कि हाथ जोड़ी को सिद्ध करने के बाद इसमें मां चामुंडा की शक्तियां समाहित हो जाती हैं। सिद्ध हत्था जोड़ी एक चमत्कारी वस्तु बन जाती है और इसके प्रभाव अचूक होते हैं। यह तंत्र-मंत्र, ज्योतिष के सभी उपायों के लिए उपयोगी है। यह किसी भी व्यक्ति के जीवन में धन और समृद्धि ला सकती है।
कहा जाता है कि सिद्ध हत्था जोड़ी की पूजा करने और उसे देखने से व्यक्ति के जीवन में असीम धन और सुख की प्राप्ति होती है। यदि किसी व्यक्ति ने हत्था जोड़ी को सिद्ध कर लिया है तो उसके पास धन की कभी कमी नहीं होती। यह जड़ कंगाल को भी मालामाल बना सकती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।