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Raj Yog: हंस राजयोग बनने से व्यक्ति की चमकती है किस्मत, देवगुरु बृहस्पति की रहती है विशेष कृपा

Mon, 10 Mar 2025 12:41 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

जब कुंडली में गुरु अपनी स्वराशि यानी धनु या मीन राशि में होते हैं या फिर गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में होकर कुंडली के पहले, चौथे, सातवें और दसवें भाव में होते हैं तो हंस राजयोग का निर्माण होता है।
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कुंडली में कैसे बनता है हंस महापुरुष राजयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Hans Rajyog: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी किसी जातक का जन्म होता है तो उसी समय उसके जीवन, व्यक्तित्व और भाग्य के बारे में कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों के माध्यम से आने वाले समय में सभी घटनाक्रमों का लेखा-जोखा अंकित हो जाता है। जातक के भविष्य और भाग्य के बारे में ग्रहों और नक्षत्रों की कुंडली में स्थिति के आधार पर विश्लेषण किया जाता है। कुंडली का विश्लेषण करके जातक के करियर, व्यापार, प्रेम संबंध, भाग्य और सेहत समेत जीवन के कई पहलुओं के बारे में जानकारी हासिल होती है। ऐसे अलावा वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली में कई तरह के राजयोगों का निर्माण भी होता है। जिन जातकों की कुंडली में राजयोग का निर्माण होता है उनका जीवन बहुत ही खुशमय और समृद्धिसाली होता है। कुंडली में राजयोग बनने पर व्यक्ति का जीवन सुख और ऐश्वर्य से परिपूर्ण होता है और कभी भी जीवन में धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है। कुंडली में वैसे तो कई तरह के राजयोगों का निर्माण होता है लेकिन सभी में हंस पंचमहापुरुष राजयोग का विशेष स्थान होता है। आइए जानते हैं कुंडली में हंस पंचमहापुरुष किस तरह से बनता है इससे जीवन में क्या-क्या लाभ मिलता है। 

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हंस राजयोग कैसे बनता है ?

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हंस राजयोग का विशेष महत्व वैदिक ज्योतिष शास्त्र में होता है। देवगुरु बृहस्पति की स्थिति से कुंडली में राजयोग का निर्माण होता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कुंडली में गुरु अपनी स्वराशि यानी धनु या मीन राशि में होते हैं या फिर गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में होकर कुंडली के पहले, चौथे, सातवें और दसवें भाव में होते हैं तो हंस राजयोग का निर्माण होता है। इसके अलावा कुंडली में गुरु का अंश बल भी अच्छा होना चाहिए। 

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इस राजयोग के क्या हैं फायदे ?
ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को शुभ ग्रह माना जाता है। कुंडली में गुरु की शुभ स्थिति होने पर जातक अपने जीवन में कामयाबी के शिखर पर पहुंचने में कामयाब होता है। ऐसे में जब किसी भी जातक की कुंडली में गुरु के संयोग से हंस राजयोग बनता है व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली, धनवान और धर्म-कर्म में रूचि लेने वाला होता है। हंस राजयोग के निर्माण से ऐसे व्यक्ति का भगवान के प्रति गहरी आस्था रहती है। ऐसे लोग अपने कार्यक्षेत्र में उच्च पद को हासिल करते हैं। इस योग के निर्माण से व्यक्ति शिक्षा के क्षेत्र में बहुत आगे तक जाता है। 

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हंस राजयोग से मिलती है अच्छी सफलता 

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जिन जातकों की कुंडली में हंस राजयोग का निर्माण होता है तो ऐसा व्यक्ति उच्च अधिकारी, सफल व्यापारी और अध्यापक होता है। ऐसा व्यक्ति बहुत ही धार्मिक स्वभाव और ऊर्जावान होता है। हंस राजयोग के निर्माण से व्यक्ति धर्म-कर्म में आगे रहता है। ऐसे लोग मान-सम्मान के साथ धन को संचित करने में भी कामयाब होते हैं।
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