गुरु अभी वृषभ राशि में विराजमान है, जहां से 14 मई को निकलकर बुध की राशि मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु इस साल बहुत ही अतिचारी होंगे जहां पर एक साल के अंदर तीन बार राशि बदलेंगे।
शनि के बाद अब जल्द ही गुरु राशि परिवर्तन करने वाले हैं। वैदिक ज्योतिष में गुरु को सबसे बड़ा और शुभ ग्रह माना जाता है। गुरु शनि की तरह ही धीमे चलने वाले ग्रह हैं। गुरु एक साल में राशि बदलते हैं जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों के ऊपर होता है। आपको बता दें कि गुरु अभी वृषभ राशि में विराजमान है, जहां से 14 मई को निकलकर बुध की राशि मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु इस साल बहुत ही अतिचारी होंगे जहां पर एक साल के अंदर तीन बार राशि बदलेंगे। गुरु के राशि परिवर्तन करने से कई राशि वालों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी हैं भाग्यशाली राशियां।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि में ही गुरु का गोचर होगा और गुरु इस राशि के सप्तम और दशम भाव के स्वामी होते हैं। ऐसे में गुरु का गोर बहुत ही शुभ और असरकारी साबित होगा। यह गुरु लग्न में बैठकर अपनी पंचम, सप्तम और नवम द्दष्टि से इन्ही भावों पर डालेंगे, जिससे इस राशि के जातकों को संतान सुख का प्राप्त होती है। लंबे समय से जो काम नहीं हो पा रहे थे वे अब पूरे होंगे। इच्छाओं की पूर्ति होगी। जो लोग विवाह करने के इच्छुक हैं उनका विवाह हो सकता है। सामाजिक रूप से पद-प्रतिष्ठा में वृद्दि होगी।
सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु पंचम और अष्टम भाव के स्वामी होकर आपके एकादश भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में आपकी सभी तरह की इच्छाओं की पूर्ति होगी। जो काम लंबे समय से रुके हुए उनक पूरे होने का वक्त आ चुका है। उधार दिया हुआ धन आपको वापस मिल सकता है। आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। गुरु की विशेष कृपा से जल्द सभी तरह की परेशानियों से निजात मिल जाएगी। आर्थिक रूप से जीवन में मजबूती आएगी।
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन बहुत ही शुभ और लाभकारी साबित होगा। इस राशि के लिए गुरु तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर आपके नवम भाव में गोचर कर रहे हैं। नवम भाव भाग्य का भाव होता है जिससे जातकों को भाग्य का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। धर्म और आध्यात्म की तरफ रूझान बढ़ेगा। नौकरीपेशा जातकों के लिए गुरु का गोचर बहुत ही लाभकारी साबित होगा। संतान सुख की प्राप्ति होगी।