बुध का गोचर और तुला राशि में प्रभाव
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Budh Gochar 2025: बुध अब वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध यहां कुछ दिनों तक रहने के बाद मिथुन राशि में गोचर होंगे। बुध के 23 मई 2025 को शुक्रदेव की राशि वृषभ में गोचर करने से कई राशि वालों पर शुभ, अशुभ या फिर मिलाजुला प्रभाव देखने को मिलेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को राजकुमार माना गया है। बुध बुद्धि, तर्क-वितर्क करने की क्षमता, संचार, गणित और व्यापार का कारक माना गया है। बुध ग्रह को दो राशियों का स्वामी माना गया है-कन्या और मिथुन राशि। कुंडली में बुध के मजबूत होने पर व्यक्ति बहुत ही बुद्धिमान, संचार में निपुण, लेखन क्षमता में माहिर और मीडिया से जुड़े कामों में सफलता मिलती है।
तुला राशि पर प्रभाव
तुला राशि वालों के लिए बुध ग्रह नवम और द्वादश भाव के स्वामी है और अब यह आपके अष्टम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। कुंडली का अष्टम भाव लंबी आयु, जीवन में घटने वाली आकस्मिक घटनाएं और रहस्यों से संबंध होता है। बुध का अष्टम में गोचर आपके लिए अच्छआ नहीं कहा जा सकता है। कार्यक्षेत्र में कुछ मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं। आपके भाग्य में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। लेकिन दूसरी तरफ तुला राशि के जातकों को रिसर्च और गूढ़ विद्या में सफलता मिल सकती है। बुध के गोचर से तुला राशि वालों के लिए दूसरे घर पर द्दष्टि पड़ने से आपकी वाणी काफी प्रभावशाली होगी। आपकी बातों को विशेष प्रभाव घर और आपके आसपास रहने वाले लोगों के दिलों-दिमाग में होगा। इससे अलावा बुध का वृषभ राशि में गोचर करने से आपके कुछ इलेक्ट्रॉनिक चीजों में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आप किसी पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना होगा।
बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।