Budh Gochar 2025: 23 मई 2025 को वाणी, व्यापार, त्वचा, गणित, शेयर बाजार, तर्क शास्त्र और बुद्धि के कारक ग्रह मेष राशि की अपनी यात्रा को छोड़कर वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध को सभी ग्रहों का राजकुमार माना जाता है। बुथ के शुक्र की राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के वृषभ राशि में गोचर करने से वृश्चिक राशि के लोगों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
वृश्चिक राशि पर प्रभाव
वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगलदेव होते हैं और बुध का गोचर आपकी राशि से सातवें भाव में हुआ है। यहां बुध आपके अष्टम और एकादश भाव के स्वामी हैं। आपकी राशि से बुध का गोचर सातवें भाव में होने से आपके लिए वैवाहिक जीवन में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। आपके साथ संग कुछ मतभेद भी ऊभर कर सामने आ सकते हैं। वैदिक ज्योतिष में कुंडली का सप्तम भाव आपके विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी का विचार किया जाता है। वैवाहिक जीवन में चुनौतियां आने से आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने गुस्से को शांत रखना होगा। अगर जो लोग किसी के साथ कोई व्यापार आदि पार्टनरशिप में कर रहे हैं तो आंख मूंदकर किसी पर भरोसा करने से बचना होगा। इस दौरान आपको सकारात्मक रूख पर बने रहना होगा।
बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।