Budh Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सभी ग्रहों की अपनी विशेष भूमिका होती है। इस तरह बुध ग्रह को ज्योतिष में एक महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। बुध ग्रह को राजकुमार का दर्जा हासिल है। ये बुद्धि, संवाद, तर्क-वितर्क, व्यापार और त्वचा के कारक ग्रह हैं। बुध की चाल भी चंद्रमा की तरह से तेज हैं और यह सूर्य के सबसे नजदीक है इस कारण जल्दी-जल्दी अस्त होते हैं। ग्रहों के राजकुमार ग्रह बुध मेष राशि से निकलकर अब वृषभ राशि में प्रवेश करने के वाले हैं। बुध के गोचर से सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव देखने को मिलेगा। बुध के गोचर करने से कुछ राशि वालों पर शुभ तो कुछ पर मिलाजुला प्रभाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं कर्क राशि वालों पर बुध का प्रभाव।
बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।
कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय