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Budh Gochar 2025: बुध के वृषभ में गोचर करने से मेष राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव

Wed, 21 May 2025 08:34 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

Budh Gochar 2025: 23 मई को वाणी और व्यापार के कारक ग्रह बुध मेष राशि से वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से मेष राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव?
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Budh Gochar 2025 - फोटो : freepik
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विस्तार
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Budh Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को एक बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। बुध ग्रह सूर्य के सबसे नजदीक रहने वाले ग्रह हैं। ज्योतिष में बुध बुद्धि, संचार, संवाद, व्यापार और तर्क-वितर्क के कारक ग्रह होते हैं। बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी ग्रह होते हैं। बुध जल्दी-जल्दी ग्रह बदलने वाले ग्रह हैं। 23 मई 2025 को बुद्धि के कारक ग्रह बुध वृषभ राशि में गोचर करने वाले हैं। बुध के राशि परिवर्तन का सभी 12 राशियों के ऊपर प्रभाव देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं बुध के गोचर से मेष राशि वालों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। 
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बुध का मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होकर 23 मई को आपके दूसरे भाव में गोचर करने जा रहे हैं। मेष राशि के जातकों के लिए बुध ज्यादा लाभकारी ग्रह नहीं लेकिन बुध का गोचर मेष राशि वालों के लिए अच्छा साबित होगा। अनुकूल परिणाम की प्राप्ति हो गई है। बुध ग्रह के गोचर करने से लाभ की स्थितियां बन सकती है। इस दौरान दोस्तों और परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। बुध के गोचर करने मीडिया के क्षेत्र में आपको सफलता मिल सकती है। धन कमाने के अवसरों में वृद्धि होगी। व्यापार में उन्नति और मुनाफा का अवसर मिलेगा। 

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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व  भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।

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कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय
  • बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
  • बुधवार के व्रत रखें।
  • बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
  • रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
  • बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
  • यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
  • बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
  • रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
  • बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
  • हरी मूंग की दाल का दान करें। 
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