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ज्योतिष: आज बना 6 ग्रही योग, जानें क्या होगा इसका असर

Thu, 26 Dec 2019 11:31 AM IST
विनोद शुक्ला पं जयगोविंद शास्त्री
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ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों की भूमिका
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इन दिनों देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में ग्रहों का महासंगम योग बना हुआ है। सभी प्रधान ग्रह सूर्य, चंद्र, बुध, गुरु, शनि और केतु एक साथ इसी   राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप ब्रह्माण्ड में छःग्रही योग का निर्माण हो रहा है। 27 दिसंबर की रात्रि 11:43 मिनट पर चंद्रमा के मकर राशि में प्रवेश के परिणामस्वरूप यह योग भंग होकर पंचग्रही योग में परिवर्तित हो जाएगा। वर्तमान समय में इस राशि में आत्मा के स्वामी सूर्य, मन के स्वामी चंद्रमा, बुद्धि एवं वाणी के स्वामी बुध, विद्या एवं ज्ञान के स्वामी बृहस्पति, मृत्युलोक के प्रत्यक्ष एवं तात्कालिक दंडाधिकारी शनिदेव एवं परा विद्या तथा मोक्ष का मार्ग दिखाने वाले केतु का एक साथ होना ऐसे ऐसे योगों का निर्माण कर रहा है कि प्राणियों के लिए सामान्य रह पाना अति कठिन रहेगा। सभी ग्रह संक्रमण काल में हैं इसलिए धनु राशि के जातकों के लिए तो यह समय संयम बनाये रखने तथा कठिन परीक्षा का है।

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देश के लिए मिलाजुला फल
स्वतंत्र भारत की वृषभ लग्न की जन्मकुंडली में ये छः ग्रहीयोग एवं सूर्य ग्रहण अष्टम मृत्यु भाव में बन रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश में षड्यंत्रकारी तत्वों का खतरा बना रहेगा इन्हें सही मार्ग पर लाना आसान नहीं रहेगा। भीतरघाती और बाहरी लोग भी अति षड्यंत्र करके हमारे बीच आपसी कलह पैदा करेंगे। सरकार के समक्ष पाकिस्तान, चीन, बांग्लादेश के साथ आतंकवाद एवं घुसपैठ से संबंधित जटिल और परस्पर विरोधाभासी परिस्थितियां उत्पन्न होंगी।

इसी योग के दुष्प्रभाव से ही देश में प्राकृतिक आपदाओं का प्रकोप बढेगा, जिनमे भूकंप का अंदेशा, हिमपात, शीतलहर एवं फलों तथा फसलों में नाना प्रकार के रोग भी लग सकते हैं। देशवासियों को आने वाले समय में महंगाई की मार और झेलनी पड़ेगी। एक शुभ समाचार यह भी है कि यही योग भारत की प्रभाव राशि कर्क से छठे शत्रुभाव में बन रहा है देश में चल रहे आपसी कलह का पटाक्षेप भी होगा। इन्हीं योगों के प्रभाव से देश का शीर्ष नेतृत्व अपने द्वारा लिए गए कई निर्णयों में असहजता महसूस करेगा किन्तु, अंततः जनता तक अपनी बात पहुंचाने एवं समझाने में कामयाब रहेंगे।
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भारत के पूर्वी भागों एवं विश्व के मध्यपूर्व एवं पूर्व के भाग में रहेगा अधिक अशुभ प्रभाव फलित ज्योतिष के अनुसार धनु राशि पूर्व की दिशा का प्रतिनिधित्व करती है अतः, भारत के पूर्वी भागों बिहार, झारखंड, बंगाल, आसाम, ओड़िसा, त्रिपुरा, नागालैंड आदि राज्यों के लिए ये योग शुभ नही रहेगा, यहाँ कोई न कोई विवाद और प्राकृतिक प्रकोप पनपता रहेगा जिसका हल निकालना यहाँ की सरकारोंके लिए आसान नही रहेगा। विश्व के पूर्वी देशों पर इन ग्रहों का दुष्प्रभाव सर्वाधिक पड़ेगा, प्राकृतिक नुकसान भी इन्ही भागों में सर्वाधिक होगा। युद्ध और उन्माद का माहौल चरम पर रहेगा।  

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