shanidev: शनि देव अपनी मकर राशि में सामान्य फल देने वाले होते हैं वही कुम्भ राशि उनकी मूल त्रिकोण राशि कही गई है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल और ग्रहों की युति समय-समय पर बनती और बिगड़ती रहती है। इस कारण से शुभ- अशुभ दोनों ही तरह के संयोग बनते हैं। कुछ ऐसी ही संयोग 12 अगस्त को बनने जा रहा है। दरअसल शनिवार, 12 अगस्त को सावन माह के अधिकमास की एकादशी तिथि है। यह एकादशी अधिकमास की आखिरी एकादशी है फिर इसके अगले तीन साल बाद ही अधिकमास में एकादशी का संयोग बनेगा। अधिकमास की अंतिम एकादशी के बाद 16 अगस्त को सावन का महीना दोबारा से शुरू हो जाएगा। ऐसे में 12 अगस्त को शनिदेव, भगवान शिव और भगवान विष्णु तीनों की पूजा करने और आशीर्वाद पाने के लिए बहुत ही शुभ संयोग बन रहा है।
दरअसल इस बार सावन का महीना दो माह है और श्रावण अधिकमास के कृष्ण पक्ष पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा-आराधना करने का विशेष महत्व होता है। वहीं शनिवार के दिन एकादशी पड़ने के कारण इस दिन भगवान शनिदेव की पूजा भी काफी लाभदायी रहने वाली है। वहीं सावन का पवित्र महीना भी जारी और इस माह शिवजी की विशेष पूजा-अर्चना करने पर काफी महत्व होता है। ऐसे में 12 अगस्त का दिन बहुत ही खास रहने वाला होगा। 12 अगस्त को एकादशी तिथि होने की वजह से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होगी। शनिवार का दिन और सावन का महीना होने की वजह से शिवजी का अभिषेक करने से जातक के जीवन में शनिदोष और अन्य तरह के संकट फौरन ही दूर हो जाएंगे।
परमा एकादशी तिथि 2023
हिंदू पंचांग के अनुसार सावन अधिकमास की आखिरी एकादशी परमा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी की तिथि शुक्रवार 11 अगस्त को सुबह 7 बजकर 35 मिनट से शुरू हो चुकी है जिसका समापन 12 अगस्त को सुबह 08 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। उदयातिथि के कारण 12 अगस्त को यह एकादशी मनाई जाएगी।
इन राशि वालों के लिए 12 अगस्त का दिन रहेगा खास
वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिवार और एकादशी के संयोग में भगवान विष्णु और शनिदेव की पूजा करने पर विशेष फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में इस दिन भगवान शनि की पूजा करते हुए उन्हे सरसों का तेल चढ़ाएं और शनि मंत्रों का लगातार जाप करते रहें। इसके अलावा शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं। इस उपाय से तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि वालों को काफी फायदा मिलेगा क्योंकि इन राशि वालों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती चल रही है और जबकि तुला और वृश्चिक राशि वालों शनि की ढैय्या का प्रभाव है।