ज्योतिष में राहु ग्रह को छाया ग्रह माना जाता है। राहु अचानक फल देने वाला ग्रह होता है। राहु के शुभ-अशुभ प्रभाव से जीवन में कई तरह के परिवर्तन अचानक आते हैं। अगर कुंडली में राहु की स्थिति अच्छी तो वह जातक को करियर में नौकरी से लेकर व्यापार हर क्षेत्र में उन्नति दिला सकते हैं। लेकिन वहीं अगर राहु कमजोर हो तो जीवन में सुख-शांति की कमी होने लगती है। हस्तरेखा ज्योतिष में हथेली पर बने राहु पर्वत के ऊभार और बनावट से व्यक्ति के जीवन में भविष्य में घटने वाली के बारे में जानकारी हासिल की जा सकती है। आइए जानते हैं हथेली पर राहु किस स्थान पर होता है और इसकी स्थिति से क्या फल मिलता है।
हथेली पर कहां बना होता है राहु का निशान
हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हथेली के बीचों-बीच के स्थान को राहु का प्रभाव वाला क्षेत्र कहा जाता है। हथेली में राहु मंगल, शुक्र और चंद्रमा पर्वत के तीन ग्रहों के बीच घिरा स्थान होता है। इसके अलावा राहु पर्वत का स्थान हथेली पर वहां पर होता है जहां भाग्य रेखा शनि पर्वत की तरफ आगे आकर मिलती है।
हथेली पर राहु पर्वत के बड़े संकेत
-हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की हथेली में राहु पर्वत पूरी तरह से विकसित, उभार लिए हुए और एकदम स्पष्ट बनी हुई होती है उसे बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है। करियर में उसको ऊंचा मुकाम हासिल होता है।
- वहीं अगर किसी की हथेली पर राहु पर्वत पूरी तरह से विकसित और स्पष्ट हो लेकिन भाग्य रेखा टूट-फूटी हो तो इसे अच्छा संकेत नहीं माना जाता है। इससे व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
- अगर हथेली पर राहु पर्वत की स्थिति अच्छी हो और उसके ऊपर से भाग्यरेखा एकदम सीधी लाइन और स्प्ष्ट हो तो इसे बहुत ही अच्छा माना जाता है। ऐसे लोग सरल स्वभाव और प्रतिभावान होते हैं। ऐसे लोग हमेशा दूसरे की मदद करने में कभी भी पीछे नहीं हटते हैं।
- हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर राहु पर्वत अपने स्थान से आगे शनि पर्वत के पास बना हुआ हो तो इसे अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसा व्यक्ति हमेशा किसी ना किसी बीमारियों और परेशानियों से घिरा हुआ होता है।
- जिन लोगों का हथेली पर राहु पर्वत में ज्यादा उभार ना हो तो ऐसे व्यक्ति को अपनी आर्थिक स्थिति और संपत्ति के मामलों में बहुत ही सजग रहना होगा। इनको भाग्य का ज्यादा साथ नहीं मिलता है जिससे हर समय कुछ न कुछ नुकसान होते रहते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।