हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र में हथेली पर बनी रेखाओं, निशानों और पर्वतों के जरिए व्यक्ति के जीवन में घटने वाली तमाम तरह की घटनाओं के बारे में भविष्यवाणियां की जाती है। हथेली पर बने कई तरह के पर्वतों का विशेष महत्व होता है। आज हम आपको हथेली पर बने चंद्र पर्वत ते बारे में बताएं। ज्योतिष में चंद्रमा को सुंदरता और कल्पना का ग्रह माना जाता है। हथेली पर मौजूद चंद्र पर्वत से व्यक्ति मन, स्वभाव और जीवन के बारे में बहुत कुछ जानकारियां हासिल हो सकती है। आए जानते हैं हथेली पर बने चंद्र पर्वत की खास बातें।
हथेली पर चंद्र पर्वत
हथेली पर चंद्र पर्वत सबसे छोटी उंगली के नीचे और कलाई के ठीक ऊपर बाहरी वाले हिस्से में मौजूद होता है।
हथेली पर बना चंद्र पर्वत का उभरा ना होना
कई लोगों की हथेली पर चंद्र पर्वत में उभार नहीं होता है। हस्तरेखा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र पर्वत में उभार का ना होना कई तरह के संकेत देता है। ऐसे लोग बहुत ही भावुक होते हैं। लेकिन कई बार इनके स्वभाव में कठोरता भी दिखाई देती है। ऐसे लोग अपने जीवन में हर तरह की सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण, अच्छा धन-दौलत और ऐशोआराम होता है। ऐसे लोग बिना सोचे-समझे कोई भी फैसला नहीं लेते हैं।
हथेली पर पूरी तरह से विकसित चंद्र पर्वत
जिन लोगों की हथेली पर चंद्र पर्वत अच्छी तरह से उभार लिए होता है। ऐसे लोग बहुत ही शांत और कल्पनाशी होते हैं। ऐसे लोग जल्दी से अपने आसपास या फिर खुद से साथ होने वाले छल को आसानी से नहीं पहचान पाते हैं। ये लोग किसी दूसरे के मामलों में नहीं पड़ते हैं। इन लोगों के जीवन में छोटी से भी परेशानियां आने पर काफी परेशान हो जाते हैं। लेकिन ऐसे लोग कभी भी दूसरे के दबाव में आकर कोई भी काम करना पंसद नहीं करते हैं।
अर्ध विकसित चंद्र पर्वत
जिन लोगों की हथेली पर चंद्र पर्वत पूर्ण रूप से विकसित नहीं होता है, ऐसे लोग बहुत ही ज्यादा बड़े सपने देखने वाले होते हैं। इन लोगों को अपने ऊपर पूरा विश्वास होता है। ये लोग अपने विचारों को हकीकत में बदलने के लिए कई तरह की योजनाएं बनाते हैं।