कुंडली एक ज्योतिषीय चार्ट है जिसका उपयोग ज्योतिषविदों द्वारा किसी व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवन में अंतर्दृष्टि प्राप्त करने के लिए किया जाता है। किसी व्यक्ति की कुंडली उसके जन्म के समय विभिन्न ग्रहों की सटीक स्थिति को दर्शाती है। ज्योतिषी जन्म कुंडली को एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज मानते हैं जो उन्हें अपने जीवनकाल में किसी व्यक्ति द्वारा सामना की गई विभिन्न घटनाओं को समझने और समझाने में मदद करता है। हिन्दू धर्म में कुंडली का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि, बच्चे के जन्म के तुरंत बाद सबसे पहले बच्चे के जन्म के समय के साथ उसकी कुंडली बनवाई जाती है, जो उसके जीवन के लिए सबसे महत्पूर्ण होती है | मान्यता के अनुसार, किसी व्यक्ति का भाग्य उसके जन्म से पूर्व ही निर्धारित हो जाता है और जन्म के पश्चात यह भाग्य कुंडली के रूप में जन्मपत्री के साथ जुड़ जाता है | इसलिए अधिकतर लोग अपने बच्चे के जन्म के समय ही किसी ज्योतिष के पास जाकर कुंडली बनवाते है। जन्म कुंडली में ग्रहों की दशा, स्थिति, उन पर शुभ और पाप ग्रहों की दृष्टि के अनुसार की योगों का निर्माण होता है उन्हीं में से एक है संपन्न होने के योग। जिन लोगों की कुंडली में ये योग होते हैं उन्हें अपने जीवन में सभी सुख-सुविधाएं मिलती हैं। आइए जानते हैं इन योगों के बारे में-