वैज्ञानिक आधार पर कहा जाता है कि जिन घरों में रोजाना कपूर से आरती की जाती है वहां पर रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी शक्ति मजबूत होती है।
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व होता है। पूजा-पाठ करने से न सिर्फ आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति होती बल्कि इसके कई वैज्ञानिक फायदे भी होते हैं। मंत्रों के जप से लेकर पूजा-पाठ में प्रयोग की जाने वाली कई तरह की सामग्रियों का महत्व हमारे दैनिक जीवन में बहुत ही फायदेमंद साबित होती हैं। पूजा पाठ में प्रयोग की जाने वाली कुछ सामग्रियों का हमारी इम्युनिटी पर विशेष प्रभाव पड़ता है। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते आज हम आपको पूजा-पाठ और हवन में प्रयोग होने वाली कुछ चीजों के बारे में बताएंगे जिससे रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
कपूर
पूजा में कपूर का प्रयोग किया जाता है। कपूर का प्रयोग अक्सर आरती और हवन करते समय करते है। कपूर में एक विशेष प्रकार की गंध होती है जिसके इस्तेमाल करने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। वातारवण में कपूर की गंध फैलने से आस पास की वायु पर इसका सकारात्मक असर पड़ता है। वैज्ञानिक आधार पर कहा जाता है कि जिन घरों में रोजाना कपूर से आरती की जाती है वहां पर रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी शक्ति मजबूत होती है। वहीं रोजाना कपूर जलाने से घर में मौजूद नकारात्मक शक्तियां दूर भाग जाती है।
लौंग
कपूर की ही तरह लौंग का प्रयोग पूजा-पाठ और हवन में प्रयोग किया जाता है। हिंदू धर्म में लौंग को बहुत ही पवित्र चीज माना गया है। हवन और आरती में लौंग का प्रयोग करने से वातावरण में मौजूद छोटे- छोटे कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और वातावरण शुद्ध हो जाता है। कपूर के साथ लौंग जलाने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होने के साथ इम्यूनिटी बढ़ती है। इसके अलावा रोजाना आरती में लौंग का प्रयोग करने से घर के सदस्यों के बीच आपसी कलह दूर होती है।
इलाइची
इलाइची बहुत ही महत्वपूर्ण पदार्थ मानी गई है। इलाइची में मौजूद औषधि गुण होने के कारण इसके प्रयोग से व्यक्ति की इम्यूनिटी बढ़ती है। ज्योतिषशास्त्र में इलाइची का संबंध शुक्र ग्रह से बताया गया है। इलाइची के कुछ ज्योतिषी उपाय करने से कई तरह की समस्याओं से समाधान प्राप्त होता है। जैसे अच्छी नौकरी प्राप्ति करने के लिए गुरुवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे चुपचाप इलाइची रखा जाता है।
शहद
हिंदू धर्म में शहद को सबसे शुभ और शुद्ध प्रदार्थ माना गया है। शहद हर तरह की पूजा में अवश्य किया जाता है। शहद के सेवन और हवन में प्रयोग करने से व्यक्ति की इम्युनिटी बढ़ती है। सेहत के नजरिए से भी शहद का प्रयोग बहुत ही कारगर माना गया है। रोजाना शहद का सेवन करने से कई तरह की छोटी-छोटी बीमारियां दूर होती हैं। वहीं ज्योतिष नजरिए से भी शहद को उपयोगी माना गया है। शहद के कुछ ज्योतिषी उपाय से आपके ऊपर बुरे ग्रहों का दुष्प्रभाव समाप्त हो जाता है।
घी
पूजा पाठ, हवन और आरती में घी का प्रयोग जरूर किया जाता है। घी के दीये जलाने से घर में सकारात्मक वातावरण का विकास होता है। रोजाना गाय के घी का सेवन करने और दीया जलाने से कई रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। घी के दीपक जलाने से वातावरण से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।