ज्योतिषशास्त्र में नीलम रत्न का बड़ा महत्व है। ज्योतिष विज्ञान कहता है कि जब किसी व्यक्ति को सकारात्मक परिणाम देता है तो कुछ ही दिनों में राजा बना देता है और अगर बुरा प्रभाव देने पर आए तो राजा को भी भिखारी बना सकता है। नीलम शनि दोष को दूर करने और शनि ग्रह की शांति के लिए धारण किया जाता है। हालांकि इसे जांच परखकर और किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह के अनुसार ही धारण करना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति नीलम धारण करता है और उनके साथ ये 7 बातें घटें तो समझिए, कि वह नीलम उसके लिए अनुकूल नहीं है। ये बातें इस प्रकार हैं...
- नीलम रत्न का प्रभाव बहुत ही तेजी से दिखता है। अगर यह रत्न आपके लिए अनुकूल नही हैं यानी आपको सकारात्मक फल देने वाला नहीं है तो आंखों में तकलीफ महसूस होने लगती है।
- नीलम के प्रतिकूल होने पर दुर्घटना में चोट लग सकती है और शारीरिक कष्ट हो सकता है।
- नीलम व्यक्ति के शुभ नहीं होने पर धारण करने वाले को तुरंत आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता है।
- नीलम अगर अनुकूल नहीं है तो बुरे और डरावने सपने आएंगे।
- नीलम जिनके लिए अनुकूल और शुभ होता है उन्हें धारण करते ही शुभ फल देने लगता है। सबसे पहले तो स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी चल रही है तो उसमें राहत महसूस होने लगती है।
- नीलम शुभ होने पर धारण करने वाले को आर्थिक लाभ मिलता है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति का संकेत भी नीलम तुरंत देता है।
- नीलम धारण करने के बाद आपके साथ कुछ अशुभ घटना नहीं हो तब भी यह समझना चाहिए कि आपके लिए यह रत्न शुभ है।