ज्योतिषशास्त्र में केतु को भले ही अशुभ ग्रहों की श्रेणी में रखा गया है लेकिन इसके नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति बड़ा ही भाग्यशाली होता है। ये काफी चतुर होते हैं और कूटनीति चाल चलने में माहिर होते हैं। ज्योतिषशास्त्र में बताया गया है कि 27 नक्षत्रों में 10 नक्षत्र मघा है।
इस नक्षत्र का चिन्ह शाही सिंहासन वाला कमरा होता हैं। इस नक्षत्र के चारों चरण सिंह राशि में होते हैं इसलिए मघा नक्षत्र में जन्म लेने व्यक्तियों पर सूर्य का प्रभाव रहता है। मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति बहुत ही महत्वाकांक्षी होते हैं। यह जहां भी रहते हैं अपना दबदबा बनाकर रखते हैं।
इनके लिए स्वभिमान सबसे बड़ा धन होता है और इसके साथ कभी समझौता नहीं करते हैं। इनमें समाज में उच्चवर्ग के लोगों से संपर्क बनाए रखने की चाहत होती है। सरकार और सरकारी तंत्र से निकटता बनाए रखते हैं। आर्थिक मामलों में यह काफी समझदारी से काम लेते हैं।
जहां से धन का लाभ दिखता है वहां मौके का फायदा उठाने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। आमतौर पर इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति ऊंचे पद पर होते हैं और इनका घर धन-धान्य से संपन्न होता है। हर तरह के भौतिक साधनों का उपभोग करते हैं।
पारिवारिक परंपराओं के प्रति इनमें आदर का भाव होता है और उसे दिल से निभाते हैं। दान-दक्षिणा देना इन्हें पसंद होता है। इनके स्वभाव की एक बड़ी विशेषता यह होती है कि जहां काम करते हैं वहां लंबे समय तक टिक कर काम करते हैं। बार-बार नौकरी बदलना पसंद नहीं करते हैं। अधिकारियों के साथ इनका अच्छा तालमेल बना रहता है।
मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाली महिलाएं साहसी और स्पष्टवादी होती हैं। इनकी महत्वाकांक्षा बहुत ऊंची होती है। मघा नक्षत्र के जातकों को रक्त संबंधी रोग एवं अस्थमा की आशंका रहती है।