हमारा देश आज 67 वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस साल देश में कई घोटाले सामने आए और उत्तराखंड की तबाही का भी सामना करना पड़ा। पड़ोसी देशों ने हमें कई बार नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की। जनता को महंगाई और प्रशानिक विफलता के कारण कष्ट का सामना करना पड़ा।
इस साल देश में लोकसभा चुनाव होगा और राजनीतिक क्षेत्र में काफी उठापटक देखने को मिलेगी। आप कहेंगे कि यह तो सामान्य सी बात है कि, चुनावी साल में ऐसा तो होता ही है लेकिन देश की कुण्डली और भी कुछ कहती है।
क्या कहती है देश की कुण्डली
स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। इसलिए इसे स्वतंत्र भारत का जन्मदिवस भी कहते हैं। ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती है कि, कुण्डली से देश का वर्षफल ज्ञात करने पर जो परिणाम प्राप्त हो रहा है उसके अनुसार।
आने वाला साल देश और जनता के लिए वर्तमान वर्ष की अपेक्षा बेहतर रहेगा। सूर्य में बुध की अन्तर्दशा होने से व्यापारिक क्षेत्र में प्रगति होगी। अर्थव्यवस्था में सुधार होगा लेकिन गति धीमी रहेगी। महंगाई दर में कमी आएगी लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर कम दिखेगा।
वर्षकुण्डली में पहले घर में केतु बैठा है जिस पर शनि और राहु की दृष्टि है। ग्रहों की यह स्थिति बताती है कि देश में आतंकी और रक्तपात की घटनाएं जारी रहेंगी। पड़ोसी देश से संबंधों में और तल्खी आएगी।
गुरु के प्रभाव के कारण न्यायपालिका की शक्तियों में वृद्घि होगी। राजनीतिक दलों एवं सरकारी मामलों में इनका हस्तक्षेप बढ़ेगा। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराध में वृद्घि होगी। कई बड़ी दुर्घटनाएं एवं प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना होगा।