फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नहीं होगा शुभ काम, एक महीने तक जपें प्रभु नाम

Thu, 14 Mar 2013 05:02 PM IST
राकेश/इंटरनेट डेस्क।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगर आप शादी ब्याह की योजना बना रहे हैं अथवा गृह प्रवेश करने की सोच रहे हैं तो एक महीने के लिए अपनी योजना को टाल दें। क्योंकि सूर्य देवता अपने मित्र गुरू की राशि मीन में प्रवेश कर चुके हैं।
विज्ञापन


शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य जबतक गुरू की राशि मीन अथवा धनु में होता हैं तबतक का समय खरमास कहलाता है। खरमास को शून्य मास भी कहा जाता है यही कारण है कि इस अवधि में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार सूर्य आत्मा का कारक ग्रह है और गुरू परमात्मा का स्वरूप है। सूर्य के गुरू की राशि में आने पर आत्मा से परमात्मा का मिलन होता है। इसलिए कहा गया है कि खरमास के दौरान जितना संभव हो भगवान की भक्ति और उपासना करनी चाहिए। इस अवधि में भगवान में ध्यान केन्द्रित करना आसान होता है इसलिए भक्ति का फल जल्दी प्राप्त होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरमास में नहीं करने योग्य कार्य
शास्त्रों के अनुसार खरमास में विवाह, जनेऊ, कन्या विदाई, मुण्डन, कर्ण छेदन, भूमि पूजन, गृह निर्माण आरंभ, गृह प्रवेश, नया कारोबार आरंभ।

खरमास में करने योग्य कार्य
इस मास में सत्यनारायण भगवान की पूजा, होम, जप, योग, ध्यान, दान, तीर्थ में स्नान करना उत्तम होता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें