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Ratan Shastra: राहुदोष के बुरे प्रभाव दूर करता है गोमेद रत्न, जानिए इसे पहनने की विधि और नियम

Tue, 04 Oct 2022 03:20 PM IST
शशि सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

ज्योतिष शास्त्र में कमजोर ग्रहों को भी मजबूत बनाने के लिए रत्नों को बेहद प्रभावशाली माना गया है। यदि किसी व्यक्ति पर राहु दोष के  कारण समस्याओं का सामने करना पड़ रहा हो तो उसे गोमेद रत्न धारण करना चाहिए। जानिए इसके नियम और विधि।
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गोमेद रत्न - फोटो : गोमेद रत्न
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विस्तार
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कई बार जीवन में समस्याएं आती रहती हैं लेकिन उसका कोई हल नहीं निकलता है। ऐसे में व्यक्ति अत्यधिक परेशान और निराश हो जाता है और अपने भाग्य को दोष देते है लेकिन ज्योतिष कहता है कि इसके पीछे कई बार ग्रहों के खराब स्थिति भी कारण हो सकती है। इसके लिए ज्योतिष शास्त्र में रत्नों को बेहद प्रभावशाली माना गया है। रत्न हमारे कमजोर ग्रहों को भी मजबूत करते हैं। यदि किसी व्यक्ति पर राहु दोष के  कारण समस्याओं का सामने करना पड़  रहा हो तो उसे गोमेद रत्न धारण करना चाहिए। हालांकि इन्हें सही से पहनने की विधि और नियमों के बारे में पता होना बेहद आवश्यक है।

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राहु दोष के कारण होने वाली समस्याएं
यदि किसी की कुंडली में राहु कमजोर स्थिति में हो तो इसके कई दुष्प्रभाव बताए गए हैं। माना जाता है  कि इससे काम में बाधाएं आने लगती हैं और कई बार विवाह  घर में राहु विराजमान हो तो शादी में समस्याएं बनी रहती हैं। रिश्ता बनते-बनते बिगड़ जाता है।

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इन राशियों के लिए फायदेमंद माना गया है गोमेद
रत्नों को बेहद प्रभावशाली माना जाता है, इसलिए इसे किसी ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह के बिना न पहनें। मिथुन, तुला वृषभ और कुंभ राशि राशि के जातकों की कुंडली में राहु को मजबूत बनाने के लिए गोमेद धारण करना अच्छा माना जाता है।

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गोमेद पहनने की विधि और नियम
  • गोमेद को आद्रा, स्वाति या शतभिषा में से किसी एक नक्षत्र में शनि की होरा के समय पहनना चाहिए।
  • पांच से छह रत्ती के गोमेद को पचंधातु या लोहे की अंगूठी में मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।
  • गोमेद धारण करते समय ऊं रां राहवे नमः का 108 बार जाप करना चाहिए।
  • रत्न धारण करने के बाद किसी ब्रह्माण को राहु का दान भी करें।
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