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Upay: सफेद आक की जड़ से करें यह उपाय, होगा धन लाभ और चमकेगी किस्मत

Thu, 09 Mar 2023 04:08 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला

सार

ऐसी मान्यता है कि जिस घर में अगर आक के जड़ को स्थापित किया जाता है और नियमित रूप से पूजा होती है वहीं पर सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की वास होता है। आक के जड़ का इस्तेमाल भी कई साधक मंत्र सिद्धि के लिए करते हैं।
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श्वेतार्क गणेशजी आंकड़े के पौधे की जड़ में प्रकट होते हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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हिंदू धर्म में आक के फूल का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस पौधे के फूल का पूजा-पाठ और कई तरह के उपायों में इस्तेमाल किया जाता है। सफेद आक का पौधा भगवान गणेशजी का स्वरूप माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि अगर किसी पुराने सफेद आक के पौधों की जड़ों को मिट्टी से खोद कर निकाला जाय तो उसके जड़ की आकृति भगवान गणेश जी की प्रतिमा की तरह दिखाई देती है। आक के गणेश जी प्रतिमा की पूजा करने और इनकी स्थापना करने पर सभी तरह के दुखों का निवारण होता है। ऐसी मान्यता है कि जिस घर में अगर आक के जड़ को स्थापित किया जाता है और नियमित रूप से पूजा होती है वहीं पर सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी की वास होता है। आक के जड़ का इस्तेमाल भी कई साधक मंत्र सिद्धि के लिए करते हैं। जादू-टोनों में आक के फूल का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि आक के पौधे को अगर घर के हिस्सा में लगाने से कोई भी नकारात्मक ऊर्जा का असर नहीं होता है।

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सफेद आंकड़े की जड़
शास्त्रों के अनुसार श्वेतार्क गणेशजी आंकड़े के पौधे की जड़ में प्रकट होते हैं। आंकड़े को आक का पौधा भी कहा जाता है। इस पौधे के फूलों को शिवलिंग पर भी अर्पित किया जाता है। आंकडे के पौधे की एक दुर्लभ प्रजाति है सफेद आंकड़ा। इसी सफेद आंकड़े की जड़ में श्वेतार्क गणपति की प्रतिकृति निर्मित होती है।किसी भी पौधे की जड़ में गणपति की प्रतिकृति बनने में कई वर्षों का समय लगता है।

आक के जड़ का उपाय
यह गणेशजी का प्राकृतिक व चमत्कारी स्वरूप है। मान्यता है कि यदि इस जड़ को यानी श्वेतार्क गणपति को अपने घर में स्थापित करके यदि प्रतिदिन पूजा-अर्चना की जाये तो यह प्रतिमा सिद्ध हो जाती है और इसमें गणपति का वास हो जाता है। जिस परिवार में आंकड़े के गणेश की रोज पूजा होती है, वहां दरिद्रता, रोग व परेशानियां का वास नहीं करती हैं। इस तरह की गणेश प्रतिमा की पूजा करने से सुख व सफलता के साथ ही भरपूर धन व वैभव प्राप्त होता है।श्वेतार्क गणपति की पूजा करने पर सभी प्रकार की दैविक बाधाओं से रक्षा होती है एवं गणपति की इस मूर्ति की पूजा से भूत, प्रेत, नजर दोष, जादू-टोना, तंत्र-मंत्र आदि का भय नहीं रहता है।
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पूजा विधि
श्वेतार्क की जड़ लेकर उसे साफ करके शुद्ध जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कराएं और फिर लाल कपड़े पर स्थापित करके उसकी प्रतिदिन पूजा करें। गणपति की पूजा में लाल चन्दन, अक्षत, पुष्प, सिंदूर,दूर्वा,सुपारी,जनेऊ का प्रयोग विशेष रूप से करें। इसके बाद धूप-दीप से गणेशजी की आरती करें । इसके बाद गणपति के मंत्र ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का एक माला जप अवश्य करें। मंत्र जाप के लिए स्फटिक या फिर रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करें।

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