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Bhanu Saptami 2021: भानु सप्तमी आज, इस उपाय से आएगी घर में सुख समृद्धि

Sun, 26 Dec 2021 08:09 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमरउजाला, नई दिल्ली
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भानु सप्तमी 2021 - फोटो : अमर उजाला
पौष महीने में सूर्य पूजा का बहुत महत्व है। ग्रंथों के मुताबिक इस महीने सूर्य को भग स्वरूप की पूजना चाहिए। रविवार को सप्तमी तिथि होने से भानु सप्तमी का योग बनता है, लेकिन पौष महीने में ऐसा संयोग कम ही बनता है। इस बार  26 दिसंबर को शुक्ल पक्ष के दौरान भानु सप्तमी मनाई जा रही है। हालांकि शुक्ल पक्ष के दौरान ही मार्गशीर्ष, कार्तिक, ज्येष्ठ, फाल्गुन और माघ महीने में भानु सप्तमी मनाई जाती है। भानु सप्तमी जैसा कि नाम से विदित है यह दिन सूर्य देव को समर्पित है। प्रत्येक मास की शुक्ल पक्ष पर रविवार को पड़ने वाली सप्तमी को भानु सप्तमी मनाई जाती है। यह सूर्य सप्तमी के रूप में भी लोकप्रिय है। भानु सप्तमी का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इस दिन जो लोग भगवान सूर्य की पूजा करते हैं उन्हें धन, दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, यह माना जाता है कि भानु सप्तमी का व्रत करने से व्यक्ति को अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है । 

 
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भानु सप्तमी 2021
क्यों मनाते हैं भानु सप्तमी
भानु सप्तमी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। ऐसा माना जाता है कि भानु सप्तमी की पूर्व संध्या पर, सूर्य देवता ने सात घोड़ों के रथ पर अपनी पहली उपस्थिति दर्ज की। कई अन्य सप्तमी तिथियों में, भानु सप्तमी को बहुत शुभ माना जाता है और इसे पश्चिमी भारत और दक्षिणी भारत के क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाया जाता है।
भानु सप्तमी के दिन भक्त सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए दित्य हृदय स्तोत्र का जाप करने के साथ-साथ महा-अभिषेक करके भगवान सूर्य की पूजा करते हैं। भक्त गरीबों को फल, वस्त्र आदि का दान भी करते हैं। इस सप्तमी को व्यापक रूप से सूर्य सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है।

 
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भानु सप्तमी 2021
भानु सप्तमी का महत्व 
भानु सप्तमी उस दिन का प्रतीक माना जाता है जब भगवान सूर्य के आगमन ने सृष्टि को जीवंत कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि भगवान सूर्य एक स्वर्ण रथ पर विराजमान हैं। सात घोड़े उनके रथ को खींचते हैं और ये घोड़े सूर्य की सात किरणों को दर्शाते हैं। अरुण भगवान सूर्य का सारथी हैं, जो सूर्य की चिलचिलाती गर्मी से पृथ्वी को बचाने और ढालने के लिए सामने खड़े हैं। भगवान सूर्य सभी प्राणियों के निर्माता हैं । जो व्यक्ति भगवान सूर्य की पूजा करते हैं और भानु सप्तमी का व्रत रखते हैं, उन्हें अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

 

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भानु सप्तमी 2021
भानु सप्तमी की पूजा विधि 
  • सर्वप्रथम भक्तों को सूर्योदय से पूर्व गंगा नदी या किसी अन्य नदी में स्नान करना चाहिए।
  • यदि नदी में स्नान करना संभव नहीं है, तो भक्त देवी गंगा के मंत्रों का जाप कर सकते हैं और स्नान के लिए उपयोग किए जाने वाले पानी में उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
  • सूर्य को जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें लाल चंदन या कुमकुम, लाल फूल, चावल-गेहूं के दानें डालें। 
  • जल चढ़ाते समय ऊं घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।  
  • जल चढ़ाने के बाद गायत्री मंत्र और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी उचित होगा। 
  • इसके उपरांत सूर्य की शुभ किरणों का स्वागत करने के लिए अपने घरों के सामने सुंदर और रंगीन रंगोली बनाएं।  रंगोली के बीच में गाय के गोबर को जलाएं।
  • मिट्टी के बर्तन में दूध उबालें और उसे सूर्य देव की ओर मुख करके रखें। ऐसी मान्यता है कि जब दूध उबलता है तो वह सूर्य तक पहुंचता है।
  • इसके बाद, खीर को सूर्य देवता के भोग के रूप में उन्हें अर्पित करें और फिर इस प्रसाद को सभी को वितरित करें। 
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भानु सप्तमी 2021
सूर्य मंत्रों का जाप 
सूर्य सप्तमी के दिन नीचे दिए गए सूर्य मंत्र का जाप जरूर करें -
  • ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा
  • ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:
  • ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
  • ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः
  • ॐ सूर्याय नम:
  • ॐ घृणि सूर्याय नम:
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