ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी 9 ग्रहों में बुध ग्रह को तटस्थ ग्रह माना गया है। कहने का अर्थ है अन्य ग्रहों के साथ मिलने पर उनके अनुरूप ही यह फल प्रदान करते हैं। अगर बुध ग्रह गुरु, शुक्र और बलवान चंद्रमा के साथ युति बनाता है तो यह जातकों का शुभ फल प्रदान करते हैं। वहीं अगर बुध ग्रह की संगति मंगल, शनि, राहु, केतु और सूर्य के साथ हो तो यह अशुभ फल देते हैं। बुध ग्रह मिथुन और कन्या दो राशियों के स्वामी ग्रह हैं। कन्या इनकी उच्च राशि और मीन नीच की राशि मानी गई हैं। इसके अलावा ज्योतिष में बुध ग्रह को वाणी, बुद्धि, गणित और संवाद के कारक ग्रह माना गया है। जिन जातकों की कुंडली में बुध ग्रह मजबूत होते हैं उन्हें व्यापार, शिक्षा और नौकरी में सफलता दिलाते हैं। वही अगर किसी की कुंडली में बुध कमजोर हैं व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है। आइए जानते हैं बुध ग्रह के कमजोर होने के संकेत और इसे प्रबल बनाने के संकेत।
- अगर आपको लगे कि आप दिनों-दिन कर्ज के बोझ के तले दबते जा रहें तो यह आपकी कुंडली में बुध ग्रह के कमजोर होने के संकेत हैं।
- जातक की कुंडली में बुध ग्रह के कमजोर होने पर पन्ना रत्न पहनने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह ध्यान रखें पन्ना रत्न पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह अवश्य लें।