मूलांक व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है अर्थात जिस तारीख को आपका जन्म हुआ होगा उस तारीख का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। अगर आपका जन्म 1 से 9 तारीख के बीच हुआ है तो आपका मूलांक यही होगा। वही अगर 10 से 31 के बीच किसी तारीख को आपका जन्म हुआ है तो इन दोनों अंको का योग ही आपका मूलांक कहलाता है। जैसे यदि आपकी जन्म 26 तारीख को हुआ है तो आपका मूलांक 8 होगा।
स्वभाव
इस मूलांक से प्रभावित जातकों का जीवन अत्यंत जटिलताओं से भरा हुआ होता है। परिश्रम करने पर भी जीवन में प्राय: सुविधाओं का अभाव ही रहता है। अन्र्तमुखी व्यक्तित्व होने के कारण ये जातक समाज से कटे रहते हैं। जीवन में अत्याधिक उतार चढ़ाव आने पर भी ये जातक हताश या निराश नहीं होते। धार्मिक कार्यों में रुचि नहीं के बराबर होती है। जीवन का उत्तरकाल सुख शांतिमय व्यतीत होता है।
आगामी वर्ष की सफलताएं
इस वर्ष आपके ज्ञान और प्रतिभा में निखार आएगा। परिश्रम करने पर इस वर्ष कुछ नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। भाग्य की अनुकूलता के चलते अटके कार्यों में सफलता मिलेगी। आर्थिक रुप से वर्ष संपन्नता प्रदान करेगा। विरोधी परास्त होंगे। भू संपत्ति में वृद्धि के अवसर मिलेंगे। परिवार में शुभकार्य सम्पन्न होंगे। इस वर्ष किसी राजनैतिक इच्छा की पूर्ति का अवसर मिलेगा। रोजगारपरक परीक्षाओं में सफलता एवं सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग, नगरपालिका, वन विभाग, पुरातत्व विभाग, माईनिग, वकालत आदि क्षेत्रों में करियर बनाने में सफलता मिलेगी। व्यवसायी वर्ग की व्यवसाय विस्तार की इच्छा पूर्ण होगी। आय स्त्रोतों में वृद्धि से संचित धन कोष बढ़ेगा। चल-अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा वर्ग के लिये वर्ष शुभ रहेगा। उच्चाधिकारियों की कृपा के चलते अनुकूल स्थानांतरण या प्रमोशन का लाभ मिलेगा। अरोग्य सुख सामान्य रहेगा।