अब हरियाणा के किसानों को बिना कोर्स किए या बिना शिक्षा प्राप्त दुकानदार कीटनाशक, खाद व बीज की बिक्री नहीं कर पाएंगे, क्योंकि ज्यादातर विक्रेताओं को कीटनाशक, खाद व बीज के बारे में कोई जानकारी नहीं होती, जिस वजह से भोले-भाले किसान उनकी बातों को में आकर वहां से खरीददारी कर लेता है और फसल खराब होने तक की नौबत आ जाती है।
अब प्रदेश सरकार ने फैसला लिया है कि सभी विक्रेताओं को दो दिन का कैप्सूल कोर्स करवाया जाएगा। कृषि उपनिदेशक डॉ बलवंत सिंह सहारण ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इसके लिए दुकानदारों से एक तयशुदा फीस भी ली जाएगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की जानकारी में आया है कि दुकानदार बिना पढ़े लिखे किसानों को खेती के संदर्भ में खाद व कीटनाशक बेच रहे हैं।
कृषि उपनिदेशक डॉ बलवंत सिंह सहारण और सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी अनिल वीर ने बताया कि किसानों को खाद, बीज व कीटनाशक के अलावा कृषि सामग्री विक्रेताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है। अधिकतर विक्रेताओं को कृषि की जानकारी भी नहीं होती। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने भारत सरकार के निर्देशन में तीन प्रकार के कोर्स करवाने का निर्णय लिया है।
इसमें से एक कोर्स दो दिन का जुलाई व अगस्त के शनिवार व रविवार को होगा। दूसरा कोर्स 15 दिन का होगा। तीसरा कोर्स 48 सप्ताह का होगा, जो रविवार के दिन होगा। ये कोर्स हैदराबाद के सहयोग से हरियाणा एग्रीकल्चर मैनेजमेंट एंड एजूकेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (हमेटी) द्वारा आयोजित किए जाएंगे।