सितंबर-अक्तूबर में की जाती है बुवाई
किन्नू और मौसमी का पौधा तैयार करने के लिए सितंबर से अक्तूबर में इसकी बुवाई की जाती है। इसकी बुवाई ऊंची उठी क्यारी में की जाती है, जो कि दो से तीन मीटर लंबी, दो फुट चौड़ी व 15 से 20 सेंटीमीटर जमीन से ऊंची होती है। बुवाई के तीन से चार सप्ताह के बाद अंकुरित हो जाता है।
शुरुआत में किन्नू और मौसमी का पौधा लगाने के दौरान उन्हें काफी रखवाली और रखरखाव के लिए मेहनत करनी पड़ी। पौधों के बीच में लगातार गेहूं और आलू की खेती भी होती रही। साथ ही पौधों का आकार बढ़ा और फल भी आने लगे हैं। जिससे अब वह अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। दिनेश अपने गांव और क्षेत्र के लोगों को भी किन्नू और मौसमी के बाग लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।