कृषि विशेषज्ञों के अनुसार उमस का मौसम मिलीबग के लिए अनुकूल होता है। यह पौधे का रस चूसता है, जिससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है। पौधा इतना कमजोर हो जाता है कि वह खत्म होने की स्थिति में पहुंच जाता है।
चूरडा कीट नजर आए तो यह उपचार करें
विभाग के अनुसार अगर नरमे की फसल में चूरडा नामक कीट का प्रकोप ज्यादा है तो किसान निमीसीडिन एक लीटर या सपीनोशेड (ट्रेसर) 60 एमएल प्रति एकड़ 150 -200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। इसके अलावा हरा तेला प्रति पत्ता दो या तीन से ज्यादा दिखाई दे तो किसान इमिडाक्लेप्रिड 17.8 एमएल का 0.5 एमएल प्रति लीटर पानी के हिसाब से छिड़काव करें।
जिले में मिलीबग का इतना ज्यादा प्रकोप नहीं है। जो है, उसको परजीवी खत्म कर देता है। इसलिए किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग भी मॉनीटरिंग कर रहा है। -विनोद फौगाट, उप निदेशक, कृषि विभाग