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कीटनाशक के छिड़काव के दौरान लापरवाही हो सकती है खतरनाक, इन तरीकों से करें बचाव

Mon, 05 Aug 2019 01:35 PM IST
खुशबू गोयल अमन कौशिक, अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
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कीटनाशक का छिड़काव - फोटो : फाइल फोटो
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अधिक पैदावार लेने के लिए किसान आजकल कीटनाशकों का प्रयोक अधिक कर रहा है। हालांकि यह फसलों व मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका सबसे अधिक असर प्रयोग के दौरान किसान के स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में किसानों को कीटनाशकों का प्रयोग करते समय खास सावधानी रखनी चाहिए। उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ ही कीट का प्रकोप बढ़ा, जिसके परिणाम स्वरूप कीट द्वारा होने वाले आर्थिक नुकसान में काफी वृद्धि हुई। कीट से नुकसान को रोकने के लिए किसान ने रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग ज्यादा करना शुरू कर दिया।
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रसायनिक कीटनाशक के ज्यादा प्रयोग का मुख्य कारण यह है कि अधिक प्रकोप होने पर रासायनिक कीटनाशक से नियंत्रण करना आसान हो जाता है। इसलिए वर्तमान समय में रासायनिक कीटनाशक के बिना कृषि की कल्पना करना मुश्किल है। कीटनाशक जहर के अधिक प्रयोग से  प्रदूषण, मित्र कीटों का नुकसान, शारीरिक स्वास्थ्य का जोखिम बना रहता है। इसलिए रसायनिक कीटनाशकों का उपयोग करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।

कीटनाशक प्रयोग से पहले सुरक्षा उपाय

कृषि विभाग के एडीओ सुभाष चंद्र ने कहा कि कीटनाशक का प्रयोग सिर्फ  तब ही करना चाहिए, जब इसकी वास्तविक जरूरत हो। विशेषज्ञों द्वारा बताए गए कीटनाशक का प्रयोग करें। कीटनाशक के डब्बे पर दिए गए निर्देश को ध्यान से पढ़ें। कीटनाशक का छिड़काव करने वाले व्यक्ति को इसके प्रयोग करने की पूरी जानकारी होनी चाहिए।

कीटनाशक का छिड़काव करने वाले व्यक्ति के लिए रक्षात्मक वस्त्र जैसे चश्मा, पूरी बाजू बंद कमीज, पूरा पायजामा, जूता, दस्ताना, टोपी, मास्क इत्यादि होने चाहिए। पानी की पर्याप्त मात्रा, साबुन और तालियों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। कीटनाशक का संग्रह हमेशा घर से दूर ताला बंद कमरे में करें, ताकि बच्चों व जानवरों की पहुंच से दूर रहे। छिड़काव से पहले पड़ोसी को सूचित कर दें। त्वचा, आंख और मुंह को कीटनाशक के संपर्क में आने से बचाएं।
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कीटनाशक के प्रभाव का उपचार

यदि विष प्रारंभिक अवस्था पेट में हो तो मरीज को उल्टी कराएं। खाली पेट में एक या दो चम्मच नमक आधे ग्लास पानी के साथ दें। गले में उंगली डाल उल्टी जब तक साफ  नहीं हो तो करवाते रहें।  यदि मरीज खुद से उल्टी कर रहा हो तो उसे बल पूर्वक उल्टी नहीं कराएं। यदि मरीज उल्टी नहीं कर पा रहा हो तो ऐसी परिस्थिति में रबड़ की नली को पेट में को डालें और पानी से धोए ताकि कीटनाशक बाहर जाए आ जाए। सभी खिड़की दरवाजों को खोल दें, वस्त्रों भी ढीला कर दें।

मरीज को कंबल से ढक दें, ताकि उसे ठंड नहीं लगे और आसपास का वातावरण शांत बनाएं रखें। यदि सांस लेने में कठिनाई हो रही हो तो कृतिम तरीके से सांस दें। यदि कीटनाशक का सीधा संपर्क त्वचा से हुआ हो तो शरीर एवं बाल को साबुन से धोए, उसके बाद अल्कोहल से धोए। यदि कीटनाशक का संपर्क आंख से हो तो उसे साफ पानी से धोएं। किसी रसायनिक पदार्थ का उपयोग नहीं करें। यदि विष बहाव खून के साथ पुरे शरीर मे हो तो आवश्यकतानुसार कृतिम प्रणाली से  श्वास की व्यवस्था करें।
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