केंद्र सरकार प्रधानमंत्री द्वारा घोषित एक लाख करोड़ रुपये के कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड का सर्वाधिक लाभ देश के 85 प्रतिशत से अधिक छोटे और मझोले किसानों को मिलना सुनिश्चित करेगी। इसके लिए कृषि मंत्रालय और राज्यों को वर्ष 2022 से पहले किसानों की आय को दोगुना करने के लिए मिलकर सतत प्रयास करना होगा।
इस मकसद को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए शुक्रवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यों के मुख्यंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की।
उन्होंने बैठक में कहा कि किसानों को पीएम के एलान के मुताबिक सहायता मिलनी शुरू हो गई है। बैठक के दौरान तोमर ने कहा कि यह पहली बार है जब कृषि क्षेत्र को किसी सरकार द्वारा इतनी तवज्जो दी जा रही है। अकेले कोरोना काल में अब तक लाखों करोड़ों रुपयों की विकास योजनाएं कृषि और उसके ढांचागत विकास के साथ किसानों के उत्थान के लिए घोषित की गई है।
बैठक में तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए अध्यादेश पूरी तरह से किसान हितैषी हैं। लोगों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भी गुमराह नहीं होना चाहिए। केंद्र सरकार किसानों की उपज पहले की ही तरह एमएसपी पर ही खरीदी जाएगी।
इस दौरान राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा कि किसानों की भलाई के लिए एक लाख करोड़ रुपये के फंड का उपयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी, गांव-गांव में इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े किए जाएंगे।