आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने सरोजिनी नगर स्थित भारत बिजनेस पार्क (बीबीपी) के दो टावरों के लिए एसबीईआर इंडिया को आवंटन पत्र और विक्रय समझौते के दस्तावेज सौंपे हैं। यह किसी विदेशी बैंक द्वारा भारतीय कार्यालय क्षेत्र की सबसे बड़ी खरीद में से एक है। इस खरीद से एनबीसीसी को 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का बिक्री मूल्य प्राप्त हुआ है। कुल मिलाकर, एनबीसीसी ने इस परियोजना से 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है।
एसबीईआर इंडिया ने नई दिल्ली में रशियन बिजनेस सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। यह केंद्र भारत में कार्यरत रूसी कंपनियों को सेवाएं देगा। इसमें बैंकिंग, कानूनी, कर और लेखा-परीक्षा सेवाएं शामिल होंगी। भारत बिजनेस पार्क का चयन दिल्ली के वाणिज्यिक क्षेत्रों की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। यह अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
एनबीसीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक डॉ. केपी महादेवस्वामी ने इस खरीद को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि यह एनबीसीसी की परियोजना निष्पादन क्षमता का मजबूत प्रमाण है। यह दिल्ली को वैश्विक कारोबार के गंतव्य के रूप में भी स्थापित करता है। एसबीईआर इंडिया की खरीद सहित बीबीपी की शुरुआती बिक्री महत्वपूर्ण है। यह 7 जीपीआरए पुनर्विकास परियोजना के निर्माण के लिए वित्तपोषण में मदद करेगी।
भारत बिजनेस पार्क के अन्य खरीदारों में कई प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के संगठन शामिल हैं। इनमें आईआरसीटीसी, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) और बीपीसीएल हैं। आरवीएनएल और नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड भी प्रमुख खरीदारों में से हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2026 को इन आठ टावरों की आधारशिला रखी थी। यह परियोजना दिल्ली के वाणिज्यिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।