रामपुर। कांवड़ियों के रंग में रंग गया हाईवे। जहां नजर पड़ती वहीं कांवड़ और उन्हें ले जाने वालों के भगवा कपड़े ही दिखाई देते रहे। शनिवार देर रात कांवड़ियों के आने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह रविवार रात तक जारी रहा। बीच-बीच में नजर आ रहे नन्हे-मुन्ने कांवड़ियों की भक्ति का जोश सभी पर भारी पड़ रहा था।
सावन केआखिरी सोमवार को भोलेशंकर को प्रसन्न करने को उनके भक्तों में कांवड़ लाने की जैसे होड़ सी लग गई हो। नाचते-गाते कंधों पर कांवड़ लेकर आते भक्तों के जत्थों का सिलसिला जो शुरू हुआ वह देर रात तक लगा रहा। हाईवे कांवड़ियों का सागर नजर आने लगा। बीच-बीच में नजर आ रहे नन्हे-मुन्ने कांवड़ियों का जोश दूसरे भक्तों में जोश भरता नजर आया। महिलाएं, युवतियां और बुजुर्ग कांवड़िए भी जोश में किसी से पीछे नजर नहीं आए। कंधे पर कांवड़ लिए भक्त साथ चल रहे कांवड़िओं में उत्साह भरते रहे। पैरों में पड़े छाले, पिंडलियों में दर्द भी कांवड़ियों को भक्ति से नहीं डिगा पा रहा था। भोले की भक्ति में मस्त कांवड़िओं के बोल बम-बम, हर-हर महादेव के उद्गारों पर मार्ग रह-रहकर गूंजता रहा। कांवड़ियों केवाहनों में शिवशंकर की झांकियों और शिव का बाना धारण कर तांडव करते शिवभक्तों को देखने केलिए लोगों का जमावड़ा लगा गया। पूरे दिन रुक-रुक कर होती रही रिमझिम बूंदाबांदी कांवड़ियों की थकान दूर करती रही। कांवड़ियों के शहर में पहुंचने पर उनके परिजन विभिन्न स्थानों पर स्वागत करते नजर आए।