रामपुर। चिकटी रामनगर की 14 साल की सर्वेश ने बहादुरी का परिचय देते हुए खुद को तो मौत के मुंह से निकाला ही, साथ ही मिट्टी में दबे दूसरे बच्चे को भी सही सलामत निकाल लिया। उसकी इस बहादुरी के चरचे गांव की गलियों से निकलकर सरकारी अमले तक पहुंचने शुरू हो गए हैं।
रविवार का दिन चिकटीरामनगर गांव के लिए काला दिन साबित हुआ। सुबह यहां की महिलाएं और बच्चे सड़क किनारे बने तालाब की मिट्टी खोदने पहुंची थी। मिट्टी निकालते समय अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर उन पर गिर पड़ी। मिट्टी की ढांग मेंकुल छह लोग दबे थे, जिसमें चार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसी मिट्टी में गांव के ही रोशन लाल की 14 साल की बेटी सर्वेश और वीर सिंह का बेटा किशन लाल भी दबा हुआ था। हादसे के बाद सर्वेश ने किसी तरह खुद के ऊपर से मिट्टी हटाई और वह सही सलामत बाहर निकलकर आ गई। अचानक किशन लाल की भी चीख सर्वेश के कानों में गूंजी तो उसने किशन लाल के ऊपर पड़े मिट्टी के बड़े टुकड़े को किसी तरह हटाया और जद्दोजहद के बाद उसने किशन का हाथ पकड़कर उसे बाहर निकाला। मिट्टी निकालने नत्थू सिंह की बेटी धर्मवती भी गई थी, लेकिन वह दूर ही खड़ी रही। हादसे के बाद उसने शोर मचाया तो इसके बाद ही तमाम ग्रामीण मौके पर पहुंच पाए। सर्वेश और किशन को सुरक्षित देखकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सर्वेश को अपने साथी धर्म सिंह, मोहन लाल कविता और पूजा की मौत का अफसोस है। इस हादसे में किशन लाल के भाई धर्म सिंह की मौत हो गई। सर्वेश की बहादुरी के चरचे गांव में खूब हैं। सभी उनके उसकी बहादुरी को सराहा।