रामपुर। दूध यूं तो सेहत बनाने के लिए इस्तेमाल होता है,लेकिन रामपुर में दूध बच्चों के साथ ही आम लोगों की सेहत बिगाड़ने में लगा है। दूध में मिलावट का धंधा खूब जोर शोर से जारी है। लाख कोशिशों के बाद भी दूध में मिलावट के धंधे पर रोक नहीं लग पा रही है।
दूध में मिलावट की गूंज सप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। मिलावटी दूध बेचे जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त है। सुप्रीम कोर्ट यूपी सरकार से भी जवाब तलब किया है। यूपी में दूध में मिलावट का धंधा काफी समय से किया जा रहा है। एक नजर रामपुर में दूध के धंधे पर दौड़ाई जाए तो रामपुर में भी दूध में तरह-तरह की मिलावट की जा रही है। कहीं सिथेटिक दूध बेचा जाता है तो कहीं डिटरजेंट युक्त दूध बेचा जा रहा है। मिलावटी दूध का धंधा दूधियों के माध्यम से किया जाता है। दूध में मिलावट रोकने के लिए जितनी भी कोशिशें प्रशासन की ओर से की जाती है उतनी ही कामयाबी दूध के कारोबार से जुड़े लोग अपने को बचाने में लग जाते हैं। ग्रामीण इलाकों से आने वाले दूधिए हो या फिर हलवाइयों की दुकानों पर बेचे जाने वाला दूध। मिलावट हर दूध में की जा रही है। मिलावटी दूध लोगों की सेहत सुधारने के बजाए बिगाड़ने में लगा है। एक नजर खाद्य एवं प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई पर दौड़ाई जाए तो एक जनवरी 2011 से दस मई तक रामपुर में दूध के करीब 70 नमूने फेल हो गए हैं। हालत यह है कि अभी तमाम और दूध के सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी रह गई है। दूध में मिलावट का धंधा लाख कोशिशों के बाद भी नहीं रुक पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब लग रहा है कि शायद मिलावट खोरों पर शिकंजा कसा जाए।
मिलावट के धंधे पर नजर
कुल नमूने भरे-220
कुल फेल नमूने-83
दूध के सैंपल-85
दूध के फेल नमूने-75
(नोट यह आकंड़े एक जनवरी 11 से दस मई 12 तक के हैं)
दूध में मिलावट काफी गंभीर मामला है। इसको रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। छापेमारी के दौरान दूध के सैंपल भरे जाते हैं। सैंपलिंग की कार्रवाई के दौरान जो नमूने फेल होते हैं उनका वाद चलता है। वाद चलने के बाद ही निस्तारण होता है।
रमेश चंद्र गौतम
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
कौन सी बीमारियां घेर रही हैं।
-लीवर और पाचन संबंधी, हृदय गुर्दों को नुकसान, उच्च रक्तचाप, फूड प्वाइजनिंग, ड्राप्सी, लकवा और कैंसर
इनसे तैयार होता मिलावटी दूध
डिटरजेंट पाउडर,शैंपू, जैल, दूषित पानी, कास्टिक सोडा, अखाद्य तेल, कृत्रिम रंग, एसेंस पाउडर आदि।