ज्ञानपुर। चार-पांच दिनों से हो रही बारिश देर से ही किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे किसानों में संतुष्टि का भाव भी देखा जा रहा है। बारिश शुरू होने के बाद से किसान अपने खेतों पर ही नजर आ रहे है। मौसम की अनुकूलता का लाभ किसान बड़े ही सक्रियता से उठाने में जुटे हुए हैं। चार पांच दिनों की बारिश ने भूमि को काफी नमी प्रदान कर दिया है। जमीन में पानी सोखने की क्षमता लगभग पूरी हो चुकी है। भूमि नम होने का फायदा उठाकर किसान खेतों को तैयार कर रोपाई करने में लगे हुए हैं। जिन किसानों के नर्सरी अभी तक तैयार नहीं हो सकी है। वे भी नर्सरी को सिंचाई के साथ शीघ्रता से बढ़ने के लिए वैज्ञानिक विधि से पोषक तत्व दे रहे हैं। इसके अलावा जो भी किसान धान की रोपाई एवं खरीफ की अन्य फसलों की खेती करने से वंचित थे। वे भी इसका लाभ उठाने से वंचित नहीं होना चाहते हैं। खेतों में भरपूर नमी और गीलापन हो जाने से किसानों को महज थोड़े से पानी की आवश्यकता हो रही है। इससे कि वे धान की रोपाई को आसानी से कर लें। इस तरह मौसम का रुख किसानों के लिए भारी मुफीद साबित हो रहा है। अगर इसी तरह मौसम और मानसून की कृपा सप्ताह तक बनी रही तो इस दौरान अधिकांश किसानों को रोपाई कार्य से मुक्ति मिल जाएगी। इसके साथ ही किसानों को बारिश की वजह से नलकूपों, पंपिंग सेटों और नहर से सिंचाई की आवश्यकता भी नहीं रहेगी। मानसून का इस तरह ठहरने को जिले के उपकृषि निदेशक डा. आरएस यादव भी किसानों के लिए लाभकारी मानते हैं। उन्होंने बताया कि देर से डाली गई नर्सरी जल्द तैयार होगी, जिन धानों की रोपाई हो जाएगी उसकी नींव बढि़या हो जाएगी और विकास भी बढि़या होगा। किसानों के लिए लाभ ही लाभ रहेगा।