सीतामढ़ी/वहिदानगर। कोइरौना थानाक्षेत्र के इटहरा गांव के गंगा घाट स्थित गंगेश्वरनाथ पश्चिम वाहिनी गंगा तट पर नहाने उतरा 16 वर्षीय एक किशोर की गंगा में समा गया। सूचना पाकर मौके पर पुलिस और राजस्व अधिकारी पहुंच गए। किशोर के शव को ढूंढने के लिए देर शाम तक प्रयास चलता रहा लेकिन शव नहीं मिल सका। किशोर की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है।
वीरेंद्र खरे का 16 वर्षीय बेटा विकास निवासी पीठापुर, थाना गौरामापी जिला प्रतापगढ़ अपने इटहरा स्थित ननिहाल में मामा संतोष खरे के साथ रहता है। विकास की मां और छोटा भाई दोनों प्रतापगढ़ में हैं और उसका पिता मुंबई में कोई कार्य करता है। विकास अपने मामा के यहां रह कर पढ़ाई करता था और इस साल वह बसगौती मवैया स्थित श्रीकृष्ण इंटर कालेज में पढ़कर कक्षा दस की परीक्षा दी थी। सोमवार की सुबह वह अपनी नानी सूर्यकली देवी, चचेरे मामा मयंक के साथ गंगा स्नान करने चला गया। मामा और भांजा दोनों गंगा में स्नान कर रहे थे कि विकास नहाते-नहाते अचानक गहराई की ओर जाने लगा। उसकी नानी और मामा ने विकास को वहां न जाने और उसे बचाने के लिए शोर मचाया। उनकी आवाज सुनकर आसपास स्नान कर रहे लोग तुरंत किशोर की ओर लपके लेकिन वह आंखों से ओझल हो गया। उसकी नानी जोर-जोर से शोर मचाने लगी और आसपास के कुछ मछुआरे गंगा में कूदकर उसे ढूंढने लगे। काफी देर बाद तक भी उसका पता नहीं चल सका। सूचना पाकर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और राजस्व विभाग के तहसीलदार, कानून और लेखपाल भी मौके पर पहुंच गए। क्षेत्रीय गोताखोरों से किशोर का शव बरामद करने के लिए बराबर डुबकी लगवाई गई लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका। उसके ननिहाल वालों ने घटना की सूचना विकास की मां मीना देवी को भी दे दी जो दोपहर बाद तक इटहरा पहुंच गए। घटना को लेकर मृतक के ननिहाल में कोहराम मचा है। आसपास के जिस किसी को घटना की जानकारी हुई वह गंगा घाट की ओर दौड़ पड़ा। देर शाम तक किशोर के शव बरामद करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारी डटे रहे।