बदायूं। न्यायालय चतुर्थ अपर सेशन जज वीपी सिंह ने दहेज हत्या के मामले में पति समेत एक परिवार के छह आरोपियों को सात-सात साल कड़ी कैद और आठ-आठ सौ रुपये जुर्माना का दंड दिया है।
थाना अलापुर क्षेत्र के गांव घोड़ागूजर निवासी श्यामलाल के बेटे रवींद्र की शादी जिला शाहजहांपुर के थाना गड़िया रंगीन क्षेत्र के गांव धसा निवासी जगदीश की बेटी कुसुमा से बीती 22 जून 2004 को हुई थी। शादी के बाद से रवींद्र और उसके परिजन कुसुमा को सोनी की चेन, रंगीन टीवी की मांग को लेकर परेशान करते थे। इसकी शिकायत कुसुमा ने अपने पिता से कई बार की। इस पर जगदीश रिश्तेदारों और मध्यस्थों को लेकर कुसुमा की ससुराल पहुंचा और अतिरिक्त दहेज देने में असमर्थता जाहिर की। दहेज की मांग पूरी न होते देख ससुरालियों ने 22 मई 2006 को कुसुमा की गला दबाकर हत्या कर दी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कुसुमा की दहेज हत्या के आरोप में दोषी पाकर पति रवींद्र के अलावा ससुर श्यामलाल, परिवार की ही मैनादेवी, सोनवती, हरीशकुमार और गेंदनलाल को यह सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी प्रेमबाबू ने की।