बदायूं। यहां गंगा किनारे रहने वालों को बाढ़ की त्रासदी से छुटकारा दिलाने तैयारी की जा रही है। इसके लिए बाढ़ खंड ने गंगा के किनारे नरौरा डाउन से नगला अजमेरी तक करीब 12 किलोमीटर लंबा बांध बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि बाढ़ खंड के प्रस्ताव के तकनीकी पहलुओं की जांच होनी बाकी है। इसके लिए पटना स्थित गंगा बाढ़ नियंत्रण परिषद से हरी झंडी मांगी गई है। परिषद अगर स्वीकृति की मोहर लगा देता है तो जिला प्रशासन बांध निर्माण के लिए केंद्र सरकार से बजट की मांग करेगा।
गंगा के सीमावर्ती नरौरा डाउन से नगला अजमेरी तक इधर कई साल से बाढ़ कहर बरपा रही है। क्षेत्र के जुनवाई, इमसपुर डांडा, अशदपुर, दबभरा, ईसमपुर सैलाब, नगला, काशीपुर, अहेरोला, मड़इया, लतीफपुर, अजीतपुर सहित करीब चार दर्जन गांवों में बाढ़ की बार-बार मार झेलते हुए लोग बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं। कई साल से लगातार खेती तबाह हो रही है, इसलिए घर में लोग दाने-दाने को मोहताज हैं। इधर, बाढ़ खंड़ ने यहां कई वर्ष से आ रही बाढ़ के स्थाई समाधान की कोशिश शुरू कर दी हैं। इसके लिए प्रस्ताव यह तैयार किया गया है कि नरौरा डाउन से नगला अजमेरी तक गंगा के किनारे करीब 11.7 किलोमीटर लंबा और साढ़े तीन मीटर ऊंचा बांध बनाया जाए, ताकि गंगा के बाढ़ का पानी को रोका जा सके। इसके लिए बाढ़ खंड़ ने करीब तीन माह पहले प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव पर तकनीकी पहलुओं के फिट होने की मोहर लगनी है, इसके लिए यह प्रस्ताव पटना स्थित गंगाबाढ़ नियंत्रण परिषद को भेजा गया है। परिषद के हरी झंडी दिखाने के बाद ही बांध निर्माण के लिए धन की मांग केंद्र सरकार से की जाएगी।
बांध बनाने में 1481 लाख खर्च आने का अनुमान
नरौरा डाउन से नगला अजमेरी तक गंगा किनारे बांध बनाने के लिए प्रस्तावित बांध के लिए करीब 1481 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है। बाढ़ खंड ने इस बांध के लिए जो इस्टीमेट तैयार किया है, उसके हिसाब से कम से कम इतना खर्च आएगा। विभाग का कहना है कि गंगा बाढ़ नियंत्रण परिषद से इस्टीमेट मंजूर होने के बाद सरकार अगर जल्द ही पैसा जारी कर देगी तो बरसात से पहले ही काम कराने की कोशिश होगी।
कई दिन बंद रहा था मुदाराबाद-आगरा हाइवे
पिछली बरसात में नरौरा डाउन और नगला अजमेरी के बीच बाढ़ की वजह से आसपास के क्षेत्रों में तो भीषण तबाही हुई ही थी, साथ ही मुरादाबाद और आगरा हाइवे को भारी नुकसान पहुंचा था। यह हाइवे कई दिनों तक बंद रहा था, जिससे वाहनों की लंबी कतारे लगने के साथ लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी।
प्रस्ताव तो कई माह पहले ही बन चुका था। मंजूरी मिलने के साथ ही बांध बनाने का काम जल्द शुरू कराने की कवायद होगी। महकमा इसके लिए तैयार है।
-दिनेश कुमार जैन, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग