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अगर कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं बन पाई तो दुनिया का क्या होगा?

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: श्रीधर मिश्रा Updated Mon, 04 May 2020 08:07 PM IST
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फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : PTI
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कोरोना वायरस के कारण दुनिया भर में दो लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 30 लाख से ज्यादा लोग इस खतरनाक बीमारी से प्रभावित हैं। ऐसे में मौजूदा समय में इसे रोकने के लिए केवल एक मात्र तरीका है, वह है सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन। दुनियाभर के कई देश इस समय लॉकडाउन का सामना कर रहे हैं। इस बीच हर किसी को इंतजार है उस वैक्सीन का जो इस बीमारी को जड़ से खत्म कर सके, लेकिन क्या होगा अगर ऐसा कोई वैक्सीन कभी बन  ही नहीं पाया तो?
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दरअसल लोगों में एक चिंता यह भी है कि अगर कोरोना वायरस को खत्म करने वाला टीका विकसित नहीं हो पाता है तो फिर क्या होगा?

कई विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोरोना वायरस को खत्म करने वाला टीका नहीं बन पाता है, तो ऐसा हो सकता है कि लोग कोविड -19 के साथ जीना सीख जाएं। उनका कहना है कि धीरे-धीरे लॉकडाउन खुलने लगेंगे और सरकारों की तरफ से कुछ छूट दी जाने लगेंगी, लेकिन यह छोटे अंतराल के लिए होगा और वो भी विशेषज्ञों की सिफारिशों का पालन करने पर। अगर टीका नहीं बनता है तो टेस्टिंग और फिजिकल ट्रेसिंग हमारे जीवन का हिस्सा बन जाएंगे। लेकिन कई देशों में, किसी भी समय लोगों को सेल्फ आइसोलेट होने का अचानक निर्देश आ सकता है। हालांकि, हो सकता है कि इसका उपचार विकसित किया जा सकता है, लेकिन बीमारी का प्रकोप कभी भी किसी भी देश में गिर सकता है और वैश्विक मौत का सिलसिला अचानक से बढ़ सकता है।


विशेषज्ञों का कहना है कि नेता टीका विकसित होने को लेकर कई आश्वासन या दावे कर सकते हैं, लेकिन टीका न बन पाने की संभावना सच साबित हो सकती है, जिसे हमें गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह पहले भी बहुत बार हो चुका है। 

इंपीरियल कॉलेज लंदन में वैश्विक स्वास्थ्य के प्रोफेसर डॉ डेविड नाबरो कहते हैं, "कुछ वायरस हैं, जिनके खिलाफ अभी भी हमारे पास टीके नहीं हैं।" डॉ डेविड नाबरो, कोविग-19 पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेष दूत के रूप में काम करते हैं। उन्होंने कहा, "हम एक पूर्ण धारणा नहीं बना सकते हैं कि अचानक से एक टीका हमारे सामने आ जाएगा। अगर टीका बन भी जाता है , तो क्या यह प्रभावी होगा और सुरक्षा के सभी परीक्षणों को पारित कर पाएगा।"

नाबरो ने कहा, "यह बिल्कुल जरूरी है कि सभी समाज हर जगह खुद को एक ऐसी स्थिति में ले जाएं, जहां वे कोरोना वायरस से लगातार खतरे के रूप में बचाव कर सकें, और वायरस के साथ सामाजिक जीवन और आर्थिक गतिविधि के बारे में जान सकें।" 

उन्होंने कहा कि अधिकांश विशेषज्ञ आश्वस्त हैं कि एक कोविड-19 टीका आखिरकार बना लिया जाएगा, क्योंकि एचआईवी और मलेरिया जैसी पिछली बीमारियों से अलग, कोरोना वायरस तेजी से उत्परिवर्तित नहीं होता है।

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