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US Senate: यूएस ने समलैंगिक और अंतरजातीय विवाह की रक्षा करने वाला विधेयक किया पारित, रिपब्लिकन का मिला समर्थन

एएनआई, वाशिंगटन Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Fri, 09 Dec 2022 03:16 AM IST
सार

इस विधेयक को पारित करने के लिए रिपब्लिकन का समर्थन मिला है। यह विधेयक यह सुनिश्चित करेगा कि समान लिंग और अंतरजातीय विवाह संघीय कानून में निहित हो। 

us senate (सांकेतिक तस्वीर)
us senate (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : social media
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विस्तार

यूएस सीनेट ने समलैंगिक और अंतरजातीय विवाह की रक्षा वाले विधेयक को पारित कर दिया। सीएनएन ने बताया कि बिल को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया है, ताकि यह कानून बन जाए। अमेरिकी सीनेट में इस विधेयक के पारित होने से समलैंगिक विवाह देश भर में वैध हो गया है।


इस विधेयक को पारित करने के लिए रिपब्लिकन का समर्थन मिला है। यह विधेयक यह सुनिश्चित करेगा कि समान लिंग और अंतरजातीय विवाह संघीय कानून में निहित हो। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सीनेट ने पिछले सप्ताह इसी विधेयक को 61-36 मतों से पारित करने के बाद विवाह अधिनियम के लिए वोटिंग हुई। वोटिंग के दौरान सीनेट डेमोक्रेटिक कॉकस के सभी सदस्यों और 12 रिपब्लिकन्स ने बिल के पक्ष में वोट किया।


अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने कहा मैं आज विवाह अधिनियम के सम्मान के लिए मजबूत समर्थन के साथ खड़ी हुई हूं, जो हर अमेरिकी की गरिमा और समानता की रक्षा के लिए डेमोक्रेट्स की लड़ाई में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने सांसदों से बिल का समर्थन करने और समान-लिंग विवाह और अंतरजातीय विवाह की अनुल्लंघनीयता को बनाए रखने का आह्वान किया। नैन्सी पेलोसी ने कहा यह विधेयक दक्षिणपंथी चरमपंथियों को बढ़ने से रोकने में मदद करेगा।

कानून संघीय कानून के तहत विवाह समानता को बनाए रखने के उपाय करेगा। उन्होंने आगे कहा आज हम उन मूल्यों के लिए खड़े हैं जो अमेरिकियों के विशाल बहुमत को प्रिय हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से इस विधेयक को सभी राज्यों में विवाह को मान्यता देंगे। इस साल की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रो बनाम वेड के फैसले को पलटने के बाद समलैंगिक विवाह की रक्षा करने वाले कानून पर वोट ने संयुक्त राज्य अमेरिका में ध्यान आकर्षित किया।

जून में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अब गर्भपात का संघीय संवैधानिक अधिकार नहीं है। जब रो बनाम वेड के फैसले को पलट दिया गया तो न्यायमूर्ति क्लेरेंस थॉमस ने अदालत से 2015 के ओबेर्गफेल बनाम होजेस के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया, जिसने समलैंगिक विवाह को मान्यता दी थी।
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